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ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को नहीं उठा सका पुलिस-प्रशासन, आधी रात को मातृसदन में ही कराई स्वास्थ्य जांच 

Mon, 03 Dec 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 03 Dec 2018 08:39 AM IST
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Police Fail to Hospitalised saint atmabodha in aiims from matri sadan
संत आत्मबोधानंद

गंगा की रक्षा के अनशन कर रहे मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को चिकित्सकों की टीम ने पूरी तरह से स्वस्थ बताया। मेडिकल जांच के बाद प्रशासन उन्हें जबरन नहीं उठा सका। मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 22 अक्तूबर से अनशन कर रहे हैं।

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29 नवंबर को प्रशासन प्रशासन ने चिकित्सकों की सलाह पर जबरन उठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया था। 1 दिसंबर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद एम्स से बिना बताए गायब हो गए। इससे एम्स प्रशासन के साथ प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। अधिकारियों को पता चला कि वह मातृसदन पहुंच गए हैं। एसडीएम मनीष कुमार सिंह व तहसीलदार सुनैना राणा रात को ही उन्हें उठाने के लिए पहुंच गए थे।
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इस दौरान स्वामी शिवानंद की अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। इसके प्रशासन की टीम खाली हाथ लौट आई। रविवार को करीब ढाई बजे एसडीएम मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल और डाक्टरों की टीम फिर से मातृसदन पहुंची। इस दौरान प्रशासन का उद्देश्य गंगा की रक्षा के लिए अनशनरत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को उठासकर एम्स में भर्ती कराना था, लेकिन मौके पर ही चिकित्सकों की जांच में उनकी सभी रिपोर्ट सामान्य आई। जिस कारण प्रशासन की आत्मबोधानंद को ले जाए बिना ही लौट गई।

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स्वामी शिवानंद ने जताई हत्या की आशंका 

मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने फिर से शासन के संरक्षण में प्रशासन पर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की हत्या करने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि एम्स में आत्मबोधानंद का स्वास्थ्य गिरने के बाद उनकी प्लेटलेटस 64 हजार के करीब पहुंच गई थी, लेकिन मातृसदन आने के बाद अब स्वास्थ्य में काफी सुधार है और प्लेटलेटस एक लाख से ज्यादा हो गई है।

इससे यह प्रमाणित होता है कि एम्स में भर्ती होना मातृसदन के संत के लिए सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी टीम पर आश्रम की मर्यादा और परंपरा को तोड़ने का भी आरोप लगाया। 

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