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पुलिस ने लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा, महिलाएं और बच्चे घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Thu, 03 Mar 2016 06:47 PM IST
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बुधवार रात हरिद्वार ज्वालापुर के अस्पताल में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत होने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस लोगों को देर तक शांत कराती रही। लेकिन मामला शांत न हो पाया। आखिर में पुलिस ने लोगों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा।
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ज्वालापुर के सीएमआई नर्सिंग होम में प्रसव के बाद दो महिलाओं की होने पर बृहस्पतिवार को लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
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पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कई कोशिश की। गुस्साएं लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही। आखिर में हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजनी शुरू कर दी और द़ौड़ा दौड़ा कर पीटा। लेकिन पुलिस के इस लाठी चार्ज में कई महिलाएं और बच्चे भी घायल हो गए।
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पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी के अनुसार ज्वालापुर क्षेत्र के पीठबाजार स्थित सीएमआई नर्सिग होम में बुधवार को क्षेत्र के ही मोहल्ला पांवधोई शबनम पत्नी नौशाद और गांव एक्कड़ कलां निवासी पत्नी रंजीता पत्नी अनिल कुमार को प्रसव के लिए भर्ती किया था।
बताया जाता है कि देर रात आपरेशन के बाद दोनों महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया। आपरेशन के बाद तबियत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार तड़के रंजीता को जौलीग्रांट रेफर किया।
कुछ देर बाद ही शबनम की हालत बिगड़ने पर भी परिजन मेट्रो अस्पताल ले गए, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गुस्साए परिजन शव को वापस सीएमआई ले आए।
परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर आपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शव रखकर गुस्से का इजहार किया। इधर, खबर आई कि जौलीग्रांट में रंजीता को भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है।
एक साथ दो महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने अस्पताल के बाहर डेरा डाल लिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मृतका शबनम के परिजन, रिश्तेदार एवं परिचित अस्पताल पहुंच गए।
सीओ सदर राजेश भट्ट ने गुस्साई भीड़ को समझाना चाहा लेकिन शांत नहीं हुई। तनाव को देखते हुए आसपास के कोतवाल और थानेदारों को मौके पर बुला लिया गया।
इसी बीच मृतका रंजीता का शव लेकर परिजन अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद भीड़ का गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साई भीड़ मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और नर्सिंग होम को सील करने की मांग पर अड़ गई।
लोगों को कहना था कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती शवों को उठने नहीं देंगे। इसी बीच भीड़ में ही शामिल कुछ लोग और पुलिस शबनम का शव कब्जे में लेने लगे। इस बात को लेकर भीड़ भड़क गई।
पुलिस से जमकर नोंकझोंक हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठीचार्ज होते ही भगदड़ मच गई। कई दुपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और भीड़ ने भागकर अपनी जान बचाई।
लाठीचार्ज और भगदड़ में कई लोग चोटिल हो गए। इधर, पुलिस ने तुरंत महिलाओं के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परिजन की ओर से शिकायत मिलने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शवों का पोस्टमार्टम करा रहे है।