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जहरीली शराब कांड: पूरा होमवर्क कर 'मौत' के धंधे में उतरा था अर्जुन, यहां सीखा शराब बनाना

Thu, 14 Feb 2019 09:31 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की
मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 14 Feb 2019 09:31 AM IST
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Poisonous liquor death case master mind tell the truth
अवैध शराब

केमिकल से कच्ची शराब बनाने के मुख्य आरोपी ने अर्जुन ने पूरा होमवर्क किया था। पहले उसने भगवानपुर स्थित एक मेडिकल कंपनी में काम कर नशे से जुड़े केमिकल की जानकारी जुटाई।

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इसके बाद सहारनपुर निवासी लाडी के संपर्क में आया और केमिकल से कच्ची शराब बनाने के गुर सीखे। साथ ही यह भी जानकारी जुटाई कि शराब बनाने के लिए उसे केमिकल कहां और कैसे मिल सकता है।
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शॉर्टकट में जल्दी पैसा कमाने की चाह में अर्जुन ने केमिकल से कच्ची शराब बनाने की राह चुनी, लेकिन पहले उसने इस धंधे में उतरने के लिए पूरी जानकारी जुटाई। वर्ष 2008 में भगवानपुर स्थित एक मेडिकल कंपनी में काम किया।
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पीड़ितों से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य
हरिद्वार जिले के बल्लूपुर गांव में जहरीली शराब कांड पीड़ितों से मिलने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जल्द मुआवजा दिलाने की बात कही। मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि गांव में राहत शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

सभी बारीकियां जानी

मेडिकल कंपनी में अर्जुन ने बनने वाली दवाओं में प्रयोग होने वाले नशीले केमिकल की पूरी जानकारी ली। इसके बाद वह कच्ची शराब बनाने वाले सहारनपुर निवासी लाडी के संपर्क में आया और दो साल पहले नौकरी छोड़ दी। उसने लाडी से कच्ची शराब बनाने के गुर सिखे।

इस बीच लाडी ने उसे बताया कि कच्ची शराब बनाने के लिए एक केमिकल आता है, जिससे चंद मिनटों में सैकड़ों लीटर शराब तैयार हो जाती है। लाडी से अर्जुन ने उस केमिकल का नाम और मिलने का पता पूछा। साथ ही शराब बनाने के लिए कितनी मात्रा में केमिकल और पानी होना चाहिए, सभी बारीकियां जानी।

इसके बाद अर्जुन ने इसी साल दो फरवरी को मनोज से संपर्क साधकर उसके जीएसटी नंबर से रुड़की स्थित कंपनी से छह ड्रम केमिकल खरीदे और इस धंधे में उतर गया, लेकिन शॉर्टकट से जल्द पैसा कमाने का उसका सपना कई लोगों की मौतों के बाद टूट गया। 

कंपनी पर लगाई सील 

एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बताया कि जिस कंपनी से अर्जुन ने केमिकल खरीदा था, उसकी जांच की गई है। साथ ही कंपनी के मालिकों और अधिकारियों से इस संबंध में पूछताछ की गई। आगे भी उनसे पूछताछ जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास लाइसेंस है। फिलहाल कंपनी पर सील लगा दी गई है। अगर जांच में कंपनी का कहीं फॉल्ट मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।

दो ड्रम वापस कर लिए थे नए ड्रम 
दो फरवरी को अर्जुन ने छह ड्रम केमिकल लिए थे। इसी बीच उसने दो ड्रम वापस कर उनके बदले दो नए ड्रम लिए थे। इसके बाद उसने यह ड्रम किराए की दुकान लेकर उसमें रखे थे। एसएसपी ने बताया कि अर्जुन ने जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनकी तलाश की जा रही है। 

बाजार में नहीं बेच सकते यह केमिकल 
एसएसपी हरिद्वार और एसएसपी सहारनपुर ने बताया कि जो केमिकल बरामद हुए हैं, उन्हें बाजार में खुलेआम नहीं बेच सकते हैं। इसके लिए बाकायदा पूरी कागजी कार्रवाई की जाती है। यह जानकारी जुटाई जा रही है कि यह केमिकल बाजार में तो नहीं बेचा जा रहा था।

12 हजार में खरीदकर 28 हजार में बेचा 

पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह केमिकल का ड्रम पहले भी खरीद चुका है। वह एक ड्रम को कंपनी से 12 से 15 हजार में खरीदता था और आगे 28 हजार में बेच देता था। वह केमिकल के ड्रम लाडी को भी बेचता था। 

ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर ही बुलाया 
मंगलवार को पुलिस ने कंपनी पर घंटों तक जांच पड़ताल की। साथ ही केमिकल और दस्तावेजों की जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को भी मौके पर बुलाया और कई बिंदुओं पर जानकारी ली। साथ ही देहरादून से जांच के लिए मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने ड्रम में भरे केमिकल के सैंपल लिए और चली गई। 

ड्रम में था आईपीए केमिकल 
एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बताया कि कंपनी से जो ड्रम बरामद हुए हैं, उनमें आईपीए (आइसो प्रोपाइल एल्कोहल) केमिकल था। जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि इस केमिकल में ऐसा क्या मिलाया गया, जिससे यह इतना जहरीला हो गया।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल पुलिस टीम में ये रहे शामिल 

सीओ मंगलौर डीएस रावत, सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, थानाध्यक्ष झबरेड़ा कमलमोहन भंडारी, थानाध्यक्ष झबरेड़ा अर्जुन सिंह, सोनू कुमार और सीओईयू रुड़की के इंजार्च रविंद्र सिंह, देवेंद्र भारती, सुरेश रमोला, जाकिर हुसैन, अशोक, देवेंद्र ममगाईं, रविंद्र खत्री, महिपाल, राजेश देवरानी, नितिन कुमार, सहारनपुर पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी सुधीर उज्ज्वल, एसआई जुर्रार हुसैन, एसआई मुबारिक, एसआई सुनील।  

आईजी पहुंचे रुड़की, अर्जुन से की पूछताछ 
देर शाम आईजी अजय रौतेला रुड़की पहुंचे। यहां वह सीधे एसओजी कार्यालय पहुंचे और अधीनस्थों से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। साथ ही उन्होंने आरोपी अर्जुन से काफी देर तक अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की। उन्होंने अधीनस्थों को मामले में जल्द पूरे तथ्य और इस प्रकरण से जुड़े लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

पहली कोशिश में फेल हो गई अर्जुन की योजना 
एसएसपी ने बताया कि अर्जुन ने दो फरवरी को ही आईपीए की पहली खेप खरीदी थी। इसी दौरान शराब में डिफेक्ट आ गया। पूछताछ में पता चला है कि सहारनपुर निवासी लाडी दो साल से केमिकल से शराब बनाने का काम कर रहा था। वह मुजफ्फरनगर क्षेत्र से केमिकल खरीदता था। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि लाडी ने ही उसे इस केमिकल का नाम बताया था। इसके बाद यह केमिकल उसने रुड़की से खरीद लिया। 

सभी आरोपी पूर्व में जा चुके हैं जेल  
इस मामले में अब तक पकड़े गए सभी नौ आरोपी अवैध शराब के आरोप में दो से तीन बार जेल जा चुके हैं। एसएसपी खंडूडी ने बताया कि जेल जाने के बाद छूटकर ये लोग फिर से इसी धंधे में लग गए।

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