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Uttarakhand: दून में अब रोप-वे की जगह दौड़ेगी पॉड टैक्सी, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तक होगा पहले चरण का काम

Thu, 13 Apr 2023 11:40 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 13 Apr 2023 11:40 AM IST
सार

जाम से निजात और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए दून में यातायात का पीआरटी सिस्टम लागू होगा। इसके तहत पॉड टैक्सी या विशेष तौर पर निर्मित गाइडवे नेटवर्क पर 4-6 यात्रियों की क्षमता वाले वाहन संचालित होंगे।

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Pod taxi will now run instead of ropeway in Dehradun Uttarakhand news in hindi
पॉड टैक्सी का मॉडल - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरिद्वार के बाद देहरादून अब प्रदेश का ऐसा दूसरा शहर होगा जहां पॉड टैक्सी चलाने की तैयारी है। सिंगापुर की तर्ज पर यहां (पर्सनल रैपिड ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट (पीआरटी) के तहत बिना ड्राइवर वाली पॉड टैक्सी चलाने की योजना पर सहमति बन गई है। पहले चरण में पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तक छह किमी लंबे रूट पर इसका संचालन होगा।

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मुख्य सचिव ने पीआरटी को सराहते हुए इसे शहर के ऐसे इलाकों के लिए उपयोगी बताया, जहां नियो मेट्रो नहीं चल सकती है। जाम से निजात और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए दून में यातायात का पीआरटी सिस्टम लागू होगा। इसके तहत पॉड टैक्सी या विशेष तौर पर निर्मित गाइडवे नेटवर्क पर 4-6 यात्रियों की क्षमता वाले वाहन संचालित होंगे। बुधवार को उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत पीआरटी सिस्टम का प्रजेंटेशन दिया।
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पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पॉड टैक्सी को पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तक चलाया जाएगा। पहले इस रूट पर रोप-वे चलाने की योजना थी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने शहर की यातायात समस्या को देखते हुए पीआरटी सिस्टम को जल्द लागू कराने के निर्देश दिए।

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विकल्पों की भी तलाश की जा रही
प्रजेंटेशन में पीआरटी सिस्टम की खूबियों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि पीआरटी एक तरह का ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट (एजीटी) है। यह व्यक्तिगत या छोटे समूह की यात्रा के लिए मुफीद होता है। यह प्रणाली बेहद सस्ती है और मेट्रो, रैपिड ट्रेन की तुलना में इसकी लागत काफी कम है। राज्य सरकार शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सुगम और सुविधाजनक यातायात का साधन उपलब्ध कराना चाहती है। इसलिए नियो मेट्रो के अलावा अन्य विकल्पों की भी तलाश की जा रही है।

जानिए...क्या है पॉड टैक्सी

पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट (पीआरटी) या पॉड टैक्सी पूरी तरह स्वचालित होती है। यह कार के आकार की होती है और स्टील के ट्रैक पर चलती है। इस टैक्सी को चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके जरिये तीन से लेकर छह तक यात्रियों को एक बार में ले जाया जा सकता है। पीआरटी के तहत चलने वाली ड्राइवरलेस कार सड़क पर नहीं बल्कि कॉलम पर बने स्ट्रक्चर पर चलेगी। यह यात्रियों के बटन दबाने पर खुद उनके पास पहुंच जाएगी। यह विश्व का सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। दुनिया में पहली पॉड टैक्कासी वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में वर्ष 1970 में चलाई गई थी।

पीआरटी के लाभ

शहर में वाहनों की संख्या में कमी आएगी, स्मार्ट परिवहन सेवा, भीड़भाड़ से राहत और प्रदूषण में कमी, सहज उपलब्धता और सस्ती परिवहन सेवा।

शहर में लगाए जाएं स्मार्ट सिग्नल : मुख्य सचिव

कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान पर मुख्य सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग माता मंदिर से हरिद्वार बाईपास को जोड़ने वाले आरओबी के लिए सर्वे तेजी से कराए। शहर के सभी चौराहों पर स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट सिग्नल लगाने के निर्देश डीएम को दिए। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक सस्ता करने को भी कहा। सप्ताह में होने वाले बाजार बंदी को क्रमिक रूप से अलग-अलग बाजारों के लिए अलग-अलग दिन करने के निर्देश दिए।

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शहर के चारों कोनों पर बनें बस अड्डे

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर के चारों कोनों पर बस अड्डे बनाए जाएं। मुख्य मार्गों के आसपास खाली पड़े प्लॉट्स को पार्किंग के रूप में प्रयोग करने के लिए मालिकों से संपर्क किया जाएगा। उन्हें जब भी प्लॉट की आवश्यकता होगी, लौटा दिया जाएगा। प्लॉट स्वामी किराया खुद तय कर पार्किंग संचालित कर सकते हैं। ऑफिस बंद होने के बाद सरकारी कार्यालयों की पार्किंग को प्रयोग करने की व्यवस्था की जाए। बैठक में सचिव आवास एसएन पांडेय, डीएम सोनिका, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एसपी ट्रैफिक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी आदि मौजूद रहे।

 

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