अब इलेक्शन मोड में संगठन और सरकार, देवभूमि में होंगे पीएम मोदी और शाह के दो दौरे
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लोकसभा की पांचों सीटें जीतने के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने कमर कस ली है। जहां केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत को उत्तराखंड लोकसभा चुनाव की कमान सौंपी गई है, तो वहीं संगठन और सरकार को चुनावी मूड में आ जाने का आह्वान करने केंद्रीय नेता देहरादून पहुंचे।
भाजपा कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक के बहाने केंद्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से कहा कि वे लोग अब अपना पूरा ध्यान लोकसभा चुनाव पर केंद्रित कर दें। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है कि लोस चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस उत्तराखंड में कम से कम दो चुनावी दौरे जरूर हो सकें।
राज्य अतिथि गृह बीजापुर के करीब पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के आवास पर हुई बैठक में लोस चुनाव की तैयारी को लेकर कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू खासतौर पर उपस्थित थे।
कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार पर फोकस
बैठक में सरकार की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वित्त मंत्री प्रकाश पंत और सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित थे तो संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और खजान दास की मौजूदगी रही।
इस दौरान वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश की पांचों लोस सीटों को जीतने की रणनीति पर मंथन किया। बैठक से मीडिया को पूरी तरह से दूर रखा गया। लेकिन सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक सरकार और संगठन को अब लोस चुनाव को केंद्र में रखकर गतिविधियां में तेजी लाने पर जोर दिया गया। सूत्रों की मानें तो लोस सीटों पर संगठन के स्तर पर कराए गए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सांगठनिक और चुनावी रणनीति तय होगी।
केंद्रीय नेताओं ने केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं से मिली उपलब्धियों को प्रदेश की जनता के सामने तुलनात्मक आंकड़ों के जरिए परोसने पर जोर दिया। तय हुआ कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और नुक्कड़ नाटकों, नुक्कड बैठकों में योजनाओं का प्रचार हो ताकि लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जा सके।
उन्होंने सरकार से यह अपेक्षा की कि वह ऐसी योजनाओं के प्रचार और प्रसार पर फोकस करे जो कल्याणकारी और सीधे जनता के हितों से जुड़ी हैं और जिनका चुनाव में पार्टी का लाभ हो सकता है। लोस चुनाव से ठीक पहले आयुष्मान योजना का शुभारंभ पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।