{"_id":"6348e5f120025571ca48ee8a","slug":"pm-modi-dream-project-kedarnath-ropeway-gets-approval-from-national-wildlife-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi Dream Project: केदारनाथ रोपवे को मिली मंजूरी, 30 मिनट में पूरी होगी आठ घंटे की दूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PM Modi Dream Project: केदारनाथ रोपवे को मिली मंजूरी, 30 मिनट में पूरी होगी आठ घंटे की दूरी
Fri, 14 Oct 2022 10:05 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 14 Oct 2022 10:05 AM IST
सार
Kedarnath Ropeway News: दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण की अनुमति मिली है। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे के लिए एनवायरमेंट क्लियरेंस की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
रोपवे
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ रोपवे को मंजूरी मिल गई है। सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबे रोपवे के बनने से धाम तक की दूरी 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। बोर्ड बैठक में रामबाड़ा से गरुड़चट्टी में लगभग साढ़े पांच किलोमीटर पैदल मार्ग के नव निर्माण की भी अनुमति मिली है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव (वन) आरके सुधांशु के मुताबिक हेमकुंड साहिब रोपवे के लिए बोर्ड की अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पहले ही स्वीकृति दे रखी है। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें दोबारा स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं समझी गई।
विज्ञापन
Char Dham Yatra: केदारनाथ यात्रा में बाल भक्तों ने भी बनाया नया रिकॉर्ड, 29 हजार से ज्यादा ने किए दर्शन
विज्ञापन
प्रमुख सचिव के मुताबिक दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण की अनुमति मिली है। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे के लिए एनवायरमेंट क्लियरेंस की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि राज्य वन विभाग से इसकी अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही लगभग 12 किलोमीटर के इस रोप-वे का निर्माण शुरू हो सकेगा। प्रमुख सचिव वन के मुताबिक केदारनाथ में पुराने पैदल मार्ग के पुननिर्माण में .983 हेक्टेयर वन भूमि आ रही है।
वन भूमि हस्तांतरण को बोर्ड बैठक में मंजूरी मिली है। केदारनाथ धाम रोपवे के निर्माण में 1200 करोड़ व हेमकुंड साहिब से गोविंदघाट के लिए 850 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एनएचएआई की एजेंसी नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने दोनो रोपवे की डीपीआर तैयार की है।
आठ घंटे की पैदल दूरी रोपवे से 30 मिनट में होगी पूरी
समुद्रतल से साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से करीब 18 से 20 किलोमीटर की पैदल दूरी है। इसे तय करने में यात्रियों को लगभग आठ घंटे का समय लगता है। रोपवे बनने से यह दूरी 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। यह क्षेत्र केदारनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर के तहत आता है।