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मुनाफे के फेर में छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़
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हरबर्टपुर-सहारनपुर मोटर मार्ग पर इस तरह बस पर लटककर सफर करते हैं छात्र।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में प्राइवेट बस संचालक छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। हरबर्टपुर-सहारनपुर रोड पर स्कूलों की छुट्टी के बाद बसों में इस कदर छात्रों को ढोया जा रहा है कि खिड़कियों से लेकर पीछे बनी सीढ़ियों और छतों तक ये छात्र लटके नजर आते हैं। यह तस्वीर इस बात की सच्चाई बताने के लिए काफी है कि किस कदर इस रुट में छात्रों और यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवहन विभाग को भी ये ओवरलोड वाहन कभी भी सड़क पर चलते हुए नजर नहीं आते। जबकि, विभाग आए दिन क्षेत्र की सड़कों पर यातायात सुरक्षा के नाम पर अभियान चलाता रहता है। स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह तोमर, अविकल शर्मा, रमन तोमर आदि का कहना है कि प्राइवेट बस संचालकों की लापरवाही कभी भी छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। बस चालक और कंडक्टर कभी भी छात्रों को बसों पर चढ़ने से मना नहीं करते। संबंधित विभाग भी अन्य वाहनों का तो चालान करता है, लेकिन इन बसों की अनदेखी कर देता है। कहा कि विभाग को रूटों पर बसों की संख्याएं भी बढ़ानी चाहिए। कई बार बसों के समय में काफी अंतर होने के कारण भी छात्र घर पहुंचने की जल्दी में ओवरलोड बसों में सफर करने को तैयार हो जाते हैं।
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ओवरलोडिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही ऐसे बस संचालकों के खिलाफ क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा।
- रत्नाकर सिंह, परिवहन कर अधिकारी
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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवहन विभाग को भी ये ओवरलोड वाहन कभी भी सड़क पर चलते हुए नजर नहीं आते। जबकि, विभाग आए दिन क्षेत्र की सड़कों पर यातायात सुरक्षा के नाम पर अभियान चलाता रहता है। स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह तोमर, अविकल शर्मा, रमन तोमर आदि का कहना है कि प्राइवेट बस संचालकों की लापरवाही कभी भी छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। बस चालक और कंडक्टर कभी भी छात्रों को बसों पर चढ़ने से मना नहीं करते। संबंधित विभाग भी अन्य वाहनों का तो चालान करता है, लेकिन इन बसों की अनदेखी कर देता है। कहा कि विभाग को रूटों पर बसों की संख्याएं भी बढ़ानी चाहिए। कई बार बसों के समय में काफी अंतर होने के कारण भी छात्र घर पहुंचने की जल्दी में ओवरलोड बसों में सफर करने को तैयार हो जाते हैं।
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ओवरलोडिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही ऐसे बस संचालकों के खिलाफ क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा।
- रत्नाकर सिंह, परिवहन कर अधिकारी