{"_id":"5f109aeb8ebc3e635a082fbe","slug":"plants-planted-in-the-garden-with-photographs-of-their-ancestors-dehradun-news-drn35023231","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने पूर्वज के फोटोग्राफ के साथ वाटिका में लगाए पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने पूर्वज के फोटोग्राफ के साथ वाटिका में लगाए पौधे
विज्ञापन
उत्तरी हरिद्वार में पौधारोपण करते युवा ।
- फोटो : HARIDWAR
आप भी अपने प्रियजन अथवा पूर्वज की याद में गंगा वाटिका में पौधा लगा सकते हैं। खास बात यह है कि पौधे के साथ आपके पूर्वज का फोटो भी लगेगा। चाहे आप कहीं भी रहें, हर माह पौधे के बढ़ते स्वरूप से व्हाट्सएप पर अपडेट किया जाएगा। इसके लिए आपको दो हजार रुपये खर्च करने होंगे। पहले दिन 16 लोगों ने अपनों की याद में पौधरोपण किया।
वन विभाग ने स्वयं सहायता समूह की मदद से स्मृति वन योजना लागू की है। बृहस्पतिवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्मृति वन योजना में एक हेक्टेयर भूमि का विस्तार होने पर उसे फिर से लांच किया। गंगा वाटिका में अब ढाई से तीन हजार पौधे लगाए जा सकते हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अपने पूर्वज के नाम से पीपल का पेड़ लगाया। इसके साथ ही जिलाधिकारी सी रविशंकर, डीएफओ नीरज शर्मा, अपर मेला अधिकारी ललित नारायण मिश्र, रेंजर दिनेश नौडियाल व शिखर पालीवाल आदि ने अपने पूर्वजों के नाम पौधे लगाए। रेंजर दिनेश नौडियाल ने बताया कि स्मृति वन योजना की शुरुआत बीते साल एक हेक्टेयर भूमि से की गई थी। इसका विस्तार करते हुए अब इस योजना में एडेप्टर भूमि को और जोड़ दिया गया है। स्मृति वन योजना में अपने पितरों के नाम पौधे लगाकर उन्हें याद किया जाता है।
हरिद्वार टूरिस्ट पैलेस है, जहां पर देश और विदेश से लोग आते हैं। ऐसे में वे अपनों की याद में पौधा लगा सकते हैं। ऐसे में उनका यहां से भावनात्मक रूप से जुड़ना स्वाभाविक है। एक पौधा लगाने को दो हजार रुपये की धनराशि रखी गई है। इसके बदले स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पौधे का संरक्षण करने के साथ ही हर माह मोबाइल पर संबंधित को पौधे का अपडेट देंगी।
विज्ञापन
-नीरज शर्मा डीएफओ हरिद्वार
विज्ञापन
वन विभाग ने स्वयं सहायता समूह की मदद से स्मृति वन योजना लागू की है। बृहस्पतिवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्मृति वन योजना में एक हेक्टेयर भूमि का विस्तार होने पर उसे फिर से लांच किया। गंगा वाटिका में अब ढाई से तीन हजार पौधे लगाए जा सकते हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अपने पूर्वज के नाम से पीपल का पेड़ लगाया। इसके साथ ही जिलाधिकारी सी रविशंकर, डीएफओ नीरज शर्मा, अपर मेला अधिकारी ललित नारायण मिश्र, रेंजर दिनेश नौडियाल व शिखर पालीवाल आदि ने अपने पूर्वजों के नाम पौधे लगाए। रेंजर दिनेश नौडियाल ने बताया कि स्मृति वन योजना की शुरुआत बीते साल एक हेक्टेयर भूमि से की गई थी। इसका विस्तार करते हुए अब इस योजना में एडेप्टर भूमि को और जोड़ दिया गया है। स्मृति वन योजना में अपने पितरों के नाम पौधे लगाकर उन्हें याद किया जाता है।
विज्ञापन
हरिद्वार टूरिस्ट पैलेस है, जहां पर देश और विदेश से लोग आते हैं। ऐसे में वे अपनों की याद में पौधा लगा सकते हैं। ऐसे में उनका यहां से भावनात्मक रूप से जुड़ना स्वाभाविक है। एक पौधा लगाने को दो हजार रुपये की धनराशि रखी गई है। इसके बदले स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पौधे का संरक्षण करने के साथ ही हर माह मोबाइल पर संबंधित को पौधे का अपडेट देंगी।
विज्ञापन
-नीरज शर्मा डीएफओ हरिद्वार