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आर्मी की पिस्टल रखने पर मिली 5 साल की सजा
अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Mon, 18 Nov 2013 06:19 PM IST
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उत्तराखंड के टिहरी में बिना लाइसेंस के पिस्टल रखने के आरोप में जिला जज कांता प्रसाद की अदालत ने एक व्यक्ति को पांच साल की सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पडे़गी। इसी साल कांवड मेले के दौरान 22 जून को तपोवन पुलिस चौकी में वाहन की चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक वाहन से दो पिस्टल बरामद की थी।
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वाहनों की चेकिंग के दौरान मिली पिस्टल
मेला ड्यूटी के दौरान एसएसआई आरके कन्नौजिया मय फोर्स तपोवन चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान श्रीनगर की ओर से आ रही कार को भी चेकिंग के लिए रोका गया। कार को भट्टोवाला श्यामपुर निवासी अनिल रावत पुत्र दयाल सिंह रावत चला रहा था। उसके पास कार से अमेरिका व इटली की दो पिस्टल बरामद हुई थी। पुलिस ने अनिल के खिलाफ मामला पंजीकृत कर न्यायालय में वाद दायर किया था।
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कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा
सोमवार को जिला जज की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के उपरांत जिला जज ने बिना लाइसेंस पिस्टल रखने के आरोप में अनिल को पांच साल की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह नेगी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में कुल चार गवाह पेश किए गए। बताया कि यह पिस्टल केवल आर्मी को सप्लाई होती है। सिविलियन को इसका लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है।
पांच साज व दो हजार का जुर्माना
अभियुक्त के पास किसी भी तरह के शस्त्र का लाइसेंस नहीं था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने अभियुक्त को पांच वर्ष की सजा व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।