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एक्सक्लूसिव: कैदियों को नए साल का तोहफा, घर बात करने के लिए जेल में मिलेगी फोन की सुविधा

Fri, 27 Dec 2019 10:27 AM IST
अलका त्यागी मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की
मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 27 Dec 2019 10:27 AM IST
सार

  • उत्तराखंड की सभी जेलों में आईजी जेल ने बंदियों के लिए पीसीओ लगाने के दिए आदेश
  • जेलरों को भेजा गया है शासनादेश, नए साल से मिलेगी सुविधा

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Phone Service will give to prisoners in uttarakhand jail in New year 2020
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

प्रदेश की जेलों के कैदियों को जल्द ही हाईटेक पीसीओ बूथ की सुविधा मिलेगी। इस बूथ से कैदी अपने वकील व परिजनों से सिर्फ दो नंबरों पर बात कर सकेंगे। प्रदेश की सभी जेलों में पीसीओ बूथ लगाने के लिए आईजी जेल की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जेल आईजी की ओर से सभी जेलों में शासनादेश भेजकर नए साल में यह सुविधा शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। अब नए साल पर बंदियों को यह तोहफा मिल सकेगा। 

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प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को नए साल पर पीसीओ (पब्लिक कॉल ऑफिस) का तोहफा मिलने जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर पर तेजी से कवायद शुरू कर दी गई है। पीसीओ बूथ लगने के बाद जेलों में बंद बंदियों को अपने परिजनों से बिना किसी रुकावट के बात करने की इच्छा नए साल में पूरी होने वाली है।
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दरअसल, आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद की ओर से एक सप्ताह पूर्व सूबे की सभी जेलों के जेलरों को पत्र भेजकर नए साल में अपनी जेलों में पीसीओ लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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अब नए साल में बंदी अपने परिजनों से बात करना शुरू कर देंगे। इसके लिए सूबे की सभी जेलों की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जेलों में पीसीओ की सुविधा मिलने के बाद बंदियों के परिजन बिना कैदी के मिले भी उसका सुखदुख का हाल जान सकेंगे। 

यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी बंदी को 

कारागार में लगाए जाने वाले फोन पर बात करने के लिए अलग से एक बूथ बनाया जाएगा। इसके अलावा बंदी को जेल में अपने दो नंबरों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ये दो नंबर जेलर के पास रहेंगे। इन्हीं दो नंबरों पर बंदी बात कर पाएगा। दोनों नंबरों की ये शर्त होंगी कि ये पोस्टपेड होने चाहिए। जेल के फोन से प्रीपेड नंबरों पर बात नहीं हो पाएगी। बंदी दिन में दो बार ही इन दो नंबरों पर परिजनों या अपने वकील से बात कर सकता है।

फोन कॉल की होगी रिकार्डिंग
सूबे की सभी जेलों में लगाए जाने वाले फोन से बंदी किससे और क्या बात कर रहा है, यह सबकुछ रिकार्ड होगा। अधिकारियों के मुताबिक फोन में बंदी द्वारा की जानी वाले सभी बातें रिकार्ड होती रहेंगी। किसी भी तरह की गड़बड़ होने पर बंदी की बातें रिकार्ड के माध्यम से पुलिस को सुनवा दी जाएंगी। अगर कोई गड़बड़ी मिलेगी तो बंदी और बात करने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

जेल में मजदूरी से होगा भुगतान
जेल अधिकारियों के मुताबिक, बंदियों के लिए पीसीओ की सुविधा बीएसएनल की ओर से दी जाएगी। कॉल करने का पूरा खर्च बंदी या उसके परिजनों को खुद ही उठाना होगा। इसके लिए बंदी जेल में अपनी मजदूरी से पैसा कटवा सकता है या फिर उसके परिजनों को कॉल के आधार पर एडवांस में जेल में यह रकम जमा करवानी होगी। इसके बाद ही बंदी पीसीओ का प्रयोग कर सकेगा।

देहरादून जेल में है मात्र यह सुविधा

जेल अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक पीसीओ की सुविधा प्रदेश में देहरादून की सुद्धोवाला जेल में ही शुरू की गई है। इसके अलावा अभी तक यह सुविधा प्रदेश की किसी की जेल में नहीं है।

प्रदेश की अन्य जेलों में यह सुविधा देने के लिए पिछले सप्ताह आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद की ओर से सभी जेलरों की बैठक ली गई थी। इसमें साफ निर्देश दिए गए हैं कि नए साल में यह सुविधा अपने यहां लागू की जाए।

अभी तक जेल में बंदियों के लिए पीसीओ की सुविधा सुद्धोवाला जेल में शुरू की गई है। प्रदेश की सभी जेलों में यह सुविधा नए साल में लागू करने के लिए सभी जेलरों को पत्र भेजा गया है। पिछले सप्ताह इस संबंध में सभी जेलरों की बैठक भी ली गई थी। इसमें पीसीओ की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।  
-डॉ. पीवीके प्रसाद, आईजी जेल 

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