फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Permission for organ transplant will be obtained from the

Dehradun News: दून अस्पताल के सोटो सेंटर से मिलेगी अंग प्रत्यारोपण के लिए अनुमति

Sun, 04 Aug 2024 01:32 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
Permission for organ transplant will be obtained from the
Iअब चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा, सोटो के लिए भारत सरकार से अनुमति और बजट भी मिलाI
विज्ञापन




उत्तराखंड में अंग प्रत्यारोपण के लिए दून अस्पताल में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) का सेंटर शुरू हो गया है। अब अंग प्रत्यारोपण के लिए दून अस्पताल के सेंटर से इजाजत मिल जाएगी। यह जानकारी शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय अंग दान दिवस के उपलक्ष्य में अस्पताल में हुई कार्यक्रम में दी गई।



बतौर मुख्य अतिथि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने अंग दान के महत्व पर विचार व्यक्त किए। कुछ उदाहरण सुनाए कि कैसे अंग दान ने नई जिंदगियां दी हैं। उन्होंने लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के तरीके भी साझा किए। सोटो सेंटर के नोडल डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोटो के लिए भारत सरकार से अनुमति और बजट भी मिल गया है। अंग प्रत्यारोपण के लिए सोटो के दून अस्पताल में ही इजाजत मिलेगी।
विज्ञापन


नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोटो) के तहत रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (रोटो) होता है। इसके बाद राज्य स्तर पर स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) का गठन होता है। उत्तराखंड में अंग प्रत्यारोपण के लिए रोटो के चंडीगढ़ से इजाजत लेनी पड़ती थी। मरीजों और तीमारदारों को इधर-उधर न जाना पड़े, इसलिए उत्तराखंड में सोटो की मांग की गई थी। दून में सेंटर शुरू होने के बाद अब अनुमति के लिए चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन






Iसोटो से मिलेगी जानकारीI



डॉ. अतुल ने बताया कि अंगदान से संबंधित कोई जानकारी या स्वीकृति लेनी हो तो यहां पर आ सकते हैं। सोटो यह भी देखेगा कि कितने मरीजों को अंगदान की जरूरत है। सोटो के माध्यम से अंग दान के लिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा मरीजों और तीमारदारों को अंगदान प्रक्रिया और सोटो सेंटर के बारे में जागरूक किया जाएगा।





Iअंगदान करने वालों के परिजनों का हुआ सम्मानI

कार्यक्रम के दौरान अंग दान करने और अंग प्राप्त करने वालों की कहानियां साझा कीं। 14 वर्षीय लड़के के अंगों ने छह जरूरतमंद मरीजों को जीवन दिया है। ज्योतिरादित्य खन्ना के दादा-दादी और चाचा ने अपने अनुभव साझा किए। उत्सव के दौरान दो किडनी दाता और प्राप्तकर्ता परिवार, मृत शरीर दाताओं के चार परिवार भी उपस्थित रहे। सभी परिवारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


इस दौरान दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल, उत्तराखंड समिति के सदस्य डॉ. संजय गौड़ व समिति के सदस्य अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. धनंजय डोभाल, एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र पंत, एम्स, ऋषिकेश के अंग प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. करमवीर सिंह, सामुदायिक चिकित्सा विभाग की डॉ. अनुपमा आर्य, दधीचि देह दान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed