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Dehradun News: छोटे सवारी वाहनों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं ग्रामीण
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I- बसें बंद, सवारी वाहनों पर बढ़ रहा बोझ, दुर्घटनाओं की आशंका
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I- बीमार और गर्भवती महिलाओं को होती है सबसे अधिक परेशानीI
जौनसार बावर क्षेत्र में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोग बेहद परेशान है। लोग छोटे सवारी वाहनों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीण लगातार बस सेवा शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं।
करीब एक दशक पूर्व जौनसार बावर क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन होता था। अब केवल गिनी चुनी बस चकराता-कालसी मोटर मार्ग पर संचालित होती है। हाल यह है यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन छोटे सवारी वाहनों की संख्या सीमित है। इसके चलते वाहनों में जमकर ओवर लोडिंग हो रही है।
साहिया क्वानू मोटर मार्ग से कोठा, तारली, नराया, पजिटीलानी, सलगा, फेडूलानी, जामुवा, अष्टी, आरा, तांगडी, हाजा, दसऊ, मलेथा, दोधा, भेवना, हिडका, दुनुवा, सुरेऊ, भंजरा, टिपोऊ, चदोऊ समेत 40 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। लेकिन मोटर मार्ग पर रोडवेज बस सेवा नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण छोटे वाहनों पर लटककर आवागमन करते हैं।
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ग्रामीण मार्गों पर संचालित होने वाले यूटिलिटी और पिकअप वाहनों की संख्या सीमित है। ऐसे में वाहन सवारियों से पैक हो जाते हैं। ग्रामीणों को वाहनों की छत पर या पीछे बैठ कर सफर करना पड़ता है। उबड़-खाबड़ मोटर मार्गों पर यह सफर बड़ा जोखिम भरा होता है।
वहीं विकासनगर से कोटी डिमोऊ, लखवाड, नागथात से माख्टी तक रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता था। लेकिन इन रूटों पर भी लंबे समय से बस सेवा बंद पड़ी है। ग्रामीण चमन सिंह, आनंद शर्मा, राजेंद्र सिंह, जालम सिंह, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई बार क्षेत्र में बसों के संचालन की मांग कर चुके हैं। बसों का संचालन न होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
Iबीमार, गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानीI
सबसे अधिक परेशानी बीमारों और गर्भवती महिलाओं को होती है। वाहन बुक कर अस्पताल लाना पड़ता है। कई बार समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं।
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Iकुछ रूट पर बसें चलाई भी थी। लेकिन यात्री नहीं मिल रहे थे। इसके चलते बस सेवा बंद हो गई थी। बस सेवा दोबारा शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। - मनीष तिवारी, एआरटीओ प्रशासनI
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I- बसें बंद, सवारी वाहनों पर बढ़ रहा बोझ, दुर्घटनाओं की आशंका
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I- बीमार और गर्भवती महिलाओं को होती है सबसे अधिक परेशानीI
जौनसार बावर क्षेत्र में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोग बेहद परेशान है। लोग छोटे सवारी वाहनों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीण लगातार बस सेवा शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं।
करीब एक दशक पूर्व जौनसार बावर क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन होता था। अब केवल गिनी चुनी बस चकराता-कालसी मोटर मार्ग पर संचालित होती है। हाल यह है यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन छोटे सवारी वाहनों की संख्या सीमित है। इसके चलते वाहनों में जमकर ओवर लोडिंग हो रही है।
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साहिया क्वानू मोटर मार्ग से कोठा, तारली, नराया, पजिटीलानी, सलगा, फेडूलानी, जामुवा, अष्टी, आरा, तांगडी, हाजा, दसऊ, मलेथा, दोधा, भेवना, हिडका, दुनुवा, सुरेऊ, भंजरा, टिपोऊ, चदोऊ समेत 40 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। लेकिन मोटर मार्ग पर रोडवेज बस सेवा नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण छोटे वाहनों पर लटककर आवागमन करते हैं।
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ग्रामीण मार्गों पर संचालित होने वाले यूटिलिटी और पिकअप वाहनों की संख्या सीमित है। ऐसे में वाहन सवारियों से पैक हो जाते हैं। ग्रामीणों को वाहनों की छत पर या पीछे बैठ कर सफर करना पड़ता है। उबड़-खाबड़ मोटर मार्गों पर यह सफर बड़ा जोखिम भरा होता है।
वहीं विकासनगर से कोटी डिमोऊ, लखवाड, नागथात से माख्टी तक रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता था। लेकिन इन रूटों पर भी लंबे समय से बस सेवा बंद पड़ी है। ग्रामीण चमन सिंह, आनंद शर्मा, राजेंद्र सिंह, जालम सिंह, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई बार क्षेत्र में बसों के संचालन की मांग कर चुके हैं। बसों का संचालन न होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
Iबीमार, गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानीI
सबसे अधिक परेशानी बीमारों और गर्भवती महिलाओं को होती है। वाहन बुक कर अस्पताल लाना पड़ता है। कई बार समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं।
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Iकुछ रूट पर बसें चलाई भी थी। लेकिन यात्री नहीं मिल रहे थे। इसके चलते बस सेवा बंद हो गई थी। बस सेवा दोबारा शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। - मनीष तिवारी, एआरटीओ प्रशासनI