Uttarakhand News: नए साल में सेवानिवृत्त कर्मियों को सदस्य बनाएगा पेंशनर्स परिषद, बैठक में किया गया आह्वान
बैठक में प्रांतीय संगठन मंत्री बिष्ट ने इस वर्ष संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना में न रहने का विकल्प देने वाले करीब 28 हजार पेंशनरों का अंशदान प्राधिकरण ने वापस कर दिया है।
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राजकीय पेंशनर्स परिषद की बैठक में परिषद को खत्म करने के बजाए तय किया गया कि यह हक के लिए लड़ती रहेगी। इसके लिए नए साल में नए रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर सदस्य बनाने का आह्वान भी किया गया।
रविवार को परिषद की बैठक प्राविधिक भवन, प्रांतीय खंड लोनिवि में प्रांतीय अध्यक्ष विपिन चंद्र बमराड़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रांतीय संगठन मंत्री गणपत सिंह बिष्ट ने इस वर्ष संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना में न रहने का विकल्प देने वाले करीब 28 हजार पेंशनरों का अंशदान प्राधिकरण ने वापस कर दिया है।
ऐसे पेंशनरों के लिए 2006 की निशुल्क चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था बहाल करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की स्वीकृति मिल चुकी है। कैबिनेट की अगली बैठक में ये प्रस्ताव आएगा। संगठन मंत्री ने कहा, जिस उद्देश्य से परिषद का गठन किया गया था, वह पूरा हो चुका है। ऐसे में इस संगठन का समापन किया जाना चाहिए। यदि सदन इसे आगे भी चलाना चाहता है तो इसका विस्तार किया जाए।
प्रदेश में पेंशनर्स के अनेक संगठन
बैठक में सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी दिलीप चंद आर्य ने कहा कि परिषद को बंद नहीं किया जाए, बल्कि बेहतर ढंग से काम करने के लिए तैयार किया जाए। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक बेलम सिंह नेगी ने कहा कि यद्यपि प्रदेश में पेंशनर्स के अनेक संगठन हैं, परंतु पेंशनरों के हित में वास्तव में ईमानदारी से परिषद ही प्रयासरत है।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष माधवानंद बहुगुणा ने कहा कि संगठन के आगामी चुनावों में प्रांतीय अध्यक्ष, प्रांतीय महामंत्री और प्रांतीय कोषाध्यक्ष के पदों पर परिषद के आजीवन सदस्यों को ही जिम्मेदारी लेनी चाहिए। प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र नयाल ने परिषद के जुझारू और समर्पित सदस्यों से स्वयं आगे बढ़कर संगठन की जिम्मेदारी लेने को कहा।
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प्रांतीय अध्यक्ष बमराड़ा ने कहा, पूरे प्रदेश के पेंशनर परिषद पर विश्वास करते हैं, इसलिए अब परिषद को बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने परिषद के विस्तार के लिए सभी सदस्यों से अपील की कि प्रत्येक सदस्य अपने पड़ोस में रहने वाले 10-10 अन्य सेवानिवृत्त, हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को सदस्य बनाएं।