राज्य आंदोलनकारियों को CM रावत का 'तोहफा'
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उत्तराखंड सरकार राज्य निर्माण से जुड़ी सभी महिला आंदोलनकारियों को पेंशन देने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुरुष आंदोलनकारियों की 60 साल में पेंशन की उम्र सीमा भी भविष्य में घटाई जा सकती है।
सीएम हरीश रावत ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचे आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को इस बात के संकेत दिए। सरकार ने ये भी साफ कर दिया है युवा आंदोलनकारी अगर कोई व्यवसाय लगाना चाहते हैं तो सरकार उनकी मदद करेगी।
विधानसभा स्थित कार्यालय में वार्ता के लिए आए राज्य आंदोलनकारियों से सीएम ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए 50 करोड़ का फंड बनाया है, जिसमें फिलहाल 10 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। भविष्य में इस फंड से भी आंदोलनकारियों को मदद मिल सकेगी। कहा कि सरकार आंदोलनकारियों से संबंधित विधेयक भी विधानसभा में ला रही है।
‘राज्य आंदोलन में था सबका स्वार्थ’
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य आंदोलनकारियों की आए दिन की मांगों पर उन्हें नसीहतों की घुट्टी भी पिलाई। लेकिन महिला आंदोलनकारियों को पेंशन की घोषणा कर उन्हें नवाजने का काम भी किया।
कांग्रेस भवन में वकीलों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा ‘राज्य आंदोलन में हर किसी का स्वार्थ था। सरकार के लिए आंदोलनकारियों की संख्या तय करना, उनका वर्गीकरण करना मुश्किल हो गया है’।
वह राज्य गठन से पूर्व के अधिवक्ताओं को आंदोलनकारी घोषित किए जाने की मांग पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री बोले, आंदोलन के लिए हर किसी का कुछ न कुछ स्वार्थ था। मैं भी कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना चाहता था, इसीलिए राज्य आंदोलन में कूदा।
कर्मचारियों ने तो अपनी नौकरी तक दांव पर लगा दी थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने 578 आंदोलनकारियों पर पीएसी के हथियार छीनने और आगजनी की घटना की धाराओं में दर्ज मुकदमे दर्ज वापस कराए थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री होते होते हुए भी उनके लिए मुकदमे वापस करवाना मुश्किल हो गया है।