फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   pension for uttarakhand state movement.

राज्य आंदोलनकारियों को CM रावत का 'तोहफा'

Fri, 13 Mar 2015 01:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Mar 2015 01:18 PM IST
विज्ञापन
pension for uttarakhand state movement.

उत्तराखंड सरकार राज्य निर्माण से जुड़ी सभी महिला आंदोलनकारियों को पेंशन देने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुरुष आंदोलनकारियों की 60 साल में पेंशन की उम्र सीमा भी भविष्य में घटाई जा सकती है।

विज्ञापन


सीएम हरीश रावत ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचे आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को इस बात के संकेत दिए। सरकार ने ये भी साफ कर दिया है युवा आंदोलनकारी अगर कोई व्यवसाय लगाना चाहते हैं तो सरकार उनकी मदद करेगी।
विज्ञापन


विधानसभा स्थित कार्यालय में वार्ता के लिए आए राज्य आंदोलनकारियों से सीएम ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए 50 करोड़ का फंड बनाया है, जिसमें फिलहाल 10 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। भविष्य में इस फंड से भी आंदोलनकारियों को मदद मिल सकेगी। कहा कि सरकार आंदोलनकारियों से संबंधित विधेयक भी विधानसभा में ला रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

‘राज्य आंदोलन में था सबका स्वार्थ’

pension for uttarakhand state movement.

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य आंदोलनकारियों की आए दिन की मांगों पर उन्हें नसीहतों की घुट्टी भी पिलाई। लेकिन महिला आंदोलनकारियों को पेंशन की घोषणा कर उन्हें नवाजने का काम भी किया।

कांग्रेस भवन में वकीलों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा ‘राज्य आंदोलन में हर किसी का स्वार्थ था। सरकार के लिए आंदोलनकारियों की संख्या तय करना, उनका वर्गीकरण करना मुश्किल हो गया है’।

वह राज्य गठन से पूर्व के अधिवक्ताओं को आंदोलनकारी घोषित किए जाने की मांग पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री बोले, आंदोलन के लिए हर किसी का कुछ न कुछ स्वार्थ था। मैं भी कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना चाहता था, इसीलिए राज्य आंदोलन में कूदा।

कर्मचारियों ने तो अपनी नौकरी तक दांव पर लगा दी थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने 578 आंदोलनकारियों पर पीएसी के हथियार छीनने और आगजनी की घटना की धाराओं में दर्ज मुकदमे दर्ज वापस कराए थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री होते होते हुए भी उनके लिए मुकदमे वापस करवाना मुश्किल हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed