खुशखबर: 25 लाख श्रमिकों को मिलेगा पेंशन का लाभ, जानिए क्या है योजना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्र के 25 लाख श्रमिक केंद्र सरकार की पेंशन योजना के दायरे में आएंगे। इस योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के श्रमिकों को लाभ मिलेगा। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके लिए श्रमिकों को प्रतिमाह के हिसाब अंशदान भी देना होगा। केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में पीएम श्रमयोगी मान धन योजना की घोषणा की है। चालू वित्तीय वर्ष से ही यह योजना शुरू की जाएगी।
वर्ष 2011 में केंद्र की ओर से किए गए एसीसी सर्वे के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या 30 लाख है, लेकिन योजना के तहत 18 से 40 आयु वर्ग के उन श्रमिकों को ही पेंशन का लाभ मिलेगा, जिनका मासिक वेतन व आय 15 हजार या उससे कम है।
इस मानक के दायरे में राज्य के करीब 25 लाख श्रमिक आएंगे। केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार श्रम विभाग ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र से योजना की गाइड लाइन मिल चुकी है। एसीसी सर्वे के अनुसार राज्य के करीब 25 लाख श्रमिक योजना के दायरे में आएंगे। सभी जिलों में विभाग ने श्रमिकों का डाटा तैयार करने के लिए काम शुरू कर दिया है।
- आनंद श्रीवास्तव, श्रम आयुक्त
इन क्षेत्रों के श्रमिक ले सकेंगे योजना का लाभ
निर्माण कार्य, कृषि, हथकरघा, उद्योग, रेहड़ी, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, कूड़ा बीनने वाले समेत अन्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को योजना का लाभ मिलेगा। इनका मासिक वेतन व आय 15 हजार या इससे कम है।
ऐसे होगा योजना में पंजीकरण
ऐसे होगा योजना में पंजीकरण
श्रम विभाग के सभी जिला मुख्यालयों में श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों में श्रमिक शपथ पत्र देकर अपना पंजीकरण करा सकता है। इसमें मासिक वेतन, कार्य क्षेत्र, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। देहरादून जिले में तीन सेंटर, हरिद्वार में दो और अन्य जिलों में एक-एक सेंटर स्थापित है।
कम उम्र वालों को कम, ज्यादा वालों का ज्यादा देने होगा अंशदान
योजना के तहत 18 वर्ष के श्रमिक को महज 55 रुपये मासिक अंशदान देना होगा, जबकि 40 वर्ष के श्रमिक को 200 रुपये अंशदान देना होगा। मतलब साफ है कि जैसे-जैसे श्रमिक की उम्र बढ़ती जाएगी अंशदान का भी बढ़ता जाएगा। वहीं श्रमिक के बराबर ही केंद्र सरकार अंशदान देगी।