कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया, PDF ने घोषित किया राज्यसभा प्रत्याशी
- पीडीएफ ने धनै के नाम पर लगाई मुहर
- राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेगा फ्रंट
- देर शाम हुई बैठक में लिया निर्णय, वार्ता का विकल्प रखा खुला
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कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी घोषित करते ही प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) ने मंत्री दिनेश धनै को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उक्रांद, निर्दलीय और बसपा के 6 विधायकों वाले फ्रंट ने शनिवार देर शाम सर्वसम्मति से प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया गया है कि धनै ही फ्रंट के अधिकारिक प्रत्याशी होंगे।
फ्रंट के इस निर्णय से राज्यसभा चुनाव की सियासत को और गरमा दिया है। पीडीएफ के मैदान में उतरने से कांग्रेस का सारा गणित बिगड़ता दिख रहा है।
राज्यसभा चुनाव में पीडीएफ और कांग्रेस गठबंधन से एक प्रत्याशी उतारे जाने की संभावनाएं जताई जा रही थी, लेकिन पर्यटन मंत्री दिनेश धनै के एकाएक दावेदारी कर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने से सारा गणित डगमगा गया। 6 सदसीय पीडीएफ की बैठक धनै अपने दावेदारी पर अड़े रहे जिसपर शनिवार को फ्रंट के नेता मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी की भी मुहर लग गई। फ्रंट ने जल्द नामांकन दाखिल करने का निर्णय लिया है।
भाजपा से गठजोड़ पर धनै ने साधी चुप्पी
दिनेश धनै ने बताया कि फ्रंट ने उन्हें प्रत्याशी बनाने पर सहमति जताई है और वह अपना निर्णय नहीं बदलने वाले हैं। अब कांग्रेस को तय करना है कि अपना प्रत्याशी वापस लेंगे या फिर उनके साथ चुनाव में उतरेंगे। भाजपा के साथ किसी तरह के गठजोड़ की बात से धनै मौन रहे।
उन्होंने कहा कि राजनीति में वार्ता के लिए हमेशा जगह रहती है। अगर कांग्रेस उनके नेता से बात करना चाहेगी तो विकल्प खुला है। गठबंधन पर होने वाले असर को लेकर धनै ने कहा कि यह दोतरफा गठबंधन है। कहीं भी यह तय नहीं हुआ कि पीडीएफ को हमेशा कांग्रेस के पक्ष में जाना है।
बसपा के विधायक सरबत करीम अंसारी ने बताया कि बसपा पीडीएफ का अहम हिस्सा है और राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने का सामूहिक निर्णय है, जिसपर सभी एकमत हैं।