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आयुर्वेद से पतंजलि करेगा कैंसर और हार्टअटैक की दवा की खोज

Wed, 03 May 2017 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 03 May 2017 10:38 PM IST
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Patanjali will search for cancer and heart attack medicine

पतंजलि अनुसंधान केंद्र में कैंसर, शुगर और हार्टअटैक जैसी बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाएं खोजी जाएंगी। यह प्रयोगशाला क्रोमेटोग्राफी जैसी विश्लेषणात्मक सुविधाओं से लैस हैं।

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जड़ी-बूटियों के परीक्षण के लिए स्व संचालित ग्राइंडर, सॉक्सलेट एक्स ट्रैक्टर, रोटोवैपर, हीटिंग मैंटल्स जैसे उपकरण भी मौजूद हैं। विश्लेषणात्मक तकनीकों से आयुर्वेदिक औषधियों का वर्गीकरण किया जाएगा। भारत ही नहीं पूरे विश्व को इसका लाभ होगा।  
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आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक इस प्रयोगशाला में सूक्ष्म कर्णीय औषधि के लिए पारंपरिक भारतीय आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से जड़ी-बूटी व खनिज युक्त सूक्ष्मकणों का निर्माण किया जाएगा। कृत्रिम व प्राकृतिक परिवेशीय वाले विभिन्न रोगों के प्रतिरूपों का मूल्यांकन कर आयुर्वेदिक सूक्ष्मकणों की जीनोमिक व प्रोटीयोमिक स्तर पर क्रियाविधि की जानकारी जुटाई जाएगी।     

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दुनिया भर में 4.5 लाख जड़ी बूटियां            

Patanjali will search for cancer and heart attack medicine

चूहे और खरगोश पर होगा प्रयोग            
पतंजलि अनुसंधान केंद्र में सूक्ष्मकणों की विसाक्तता का प्राकृतिक परिवेश में अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए छोटे जंतुओं जैसे चूहा, चुहिया, गिनी पिग, खरगोश पर आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग किया जाएगा। सभी वातावरणीय स्थिति पूर्णरूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीकों के साथ स्थापित होंगी।            

आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विश्व भेषज संहिता विश्व स्तर पर विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों में उपयोगी अनेक औषधीय पादपों का विशालकाय सर्वांगीण संग्रह है। आयुर्वेद के साथ अन्य चिकित्सा पद्धतियों में भी यह लाभदायक है।

उन्होंने बताया कि विश्वस्तर पर विभिन्न जड़ी बूटियों की संख्या लगभग 4.5 लाख तक है। इनमें से लगभग 68000 जड़ी बूटियों का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। इनमें भी केवल भारत में ही 15,000 से 20,000 तक जड़ी बूटियां उपलब्ध हैं। वर्ल्ड हर्बल इनसाइक्लोपीडिया के माध्यम से विश्वभर पाई जाने वाली जड़ी बूटियों का वर्णन किया गया है। 

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