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उत्तराखंड हाईकोर्ट: पतंजलि की कोरोना दवा मामले में अगली सुनवाई 27 को, जवाब दाखिल करने के निर्देश
Mon, 20 Jul 2020 10:07 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 20 Jul 2020 10:07 PM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ की दिव्य फार्मेसी निर्मित कोरोना की दवा के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तिथि नियत की है। कोर्ट ने तब तक सभी विपक्षीगणों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनि कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बाबा रामदेव व उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार में कोरोना वायरस से निजात दिलाने के लिए पतंजलि योगपीठ की दिव्य फॉर्मेसी द्वारा निर्मित दवा लांच की है।
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याचिकाकर्ता का कहना था दवा बनाने में दिव्य फॉर्मेसी ने आईसीएमआर की जारी गाइड लाइन का पालन नहीं किया और आयुष मंत्रालय भारत सरकार की भी अनुमति तक नहीं ली। आयुष विभाग उत्तराखंड से कोरोना की दवा बनाने की जगह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवा बनाने को आवेदन किया गया था। दिव्य फॉर्मेसी ने निम्स विश्वविद्यालय राजस्थान से दवा का परीक्षण कराने की बात कही थी, जबकि निम्स का कहना था कि उन्होंने ऐसी किसी भी दवा का क्लिनिकल परीक्षण नहीं किया।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि रामदेव लोगों में अपनी इस दवा का भ्रामक प्रचार प्रसार कर रहे हैं ये दवा न ही आईसीएमआर से प्रमाणित है न ही इनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। इस दवा का अभी तक क्लिनिकल परीक्षण तक नहीं किया गया है। इसलिए दवा पर पूर्णरोक लगाई जाए और आईसीएमआर से जारी गाइड लाइनों के आधार पर भ्रामक प्रचार हेतु कानूनी कार्रवाई की जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तिथि नियत की।