बाबा रामदेव ने की भारत-चीन के रिश्तों में सुधार के लिए पहल, पतंजलि के साथ साइन हुआ एमओयू
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बीजिंग के निकट हार्वे प्रोवेंस में वहां के गवर्नर ल्यूगांव लिन के साथ भेंटवार्ता कर भारत-चीन के रिश्तों को मधुर बनाने की एक ठोस पहल की है। आचार्य बालकृष्ण महाराज विगत 13 दिसम्बर से चीन की यात्रा पर हैं।
चीन सरकार ने भारत वर्ष की हर तरह की कलां, संस्कृति, परंपरा, योग, आयुर्वेद, अनुसंधान, जड़ी-बूटी अन्वेषण, योग-केंद्र, पर्यटन, सूचना प्रोद्यौगिकी, शिक्षा, मीडिया आदि गतिविधियों के लिए कार्य करने हेतु स्वीकृति दी तथा इसके लिए सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
इस योजना को मूर्त रूप प्रदान करने हेतु चीन के हार्वे प्रोवेंस के नंदगांव में नंदगांव औद्योगिक पार्क की प्रशासनिक समिति व पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड व दो अन्य संस्थाओं के बीच एमओयू समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
आचार्य बालकृष्ण महाराज ने बीजिंग से देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एमओयू भारतीय संस्कृति, परंपरा तथा विभिन्न कलाओं के प्रचार-प्रसार में सहायक होगा। यदि कोई भारतीय संस्था, कंपनी, सरकारी या गैर सरकारी संगठन यहां कार्य करना चाहे तो इस समझौते के अनुसार उन्हें यहां पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां सभी लोग पतंजलि की गतिविधियों से भी बहुत प्रभावित हैं।
यहां के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा अन्य लोग पतंजलि के साथ जुड़कर विविध क्षेत्रों में कार्य करने को उत्सुक हैं। कहा कि चीन के लोगों में पुरुषार्थ की भावना बहुत प्रबल है। यहां कई स्थानों पर भ्रमण करने के पश्चात हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस कार्य हेतु यह सर्वोत्तम स्थान है।
बैठक में हार्वे प्रोवेंस के डिप्टी गर्वनर गाओ लंगुवा, स्काई टीवी के सीएमडी चेन जियानचेंग, वू झिगुआ, झेंग बाओशान, झू झेनपेंग तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे। यात्रा में मार्टिन स्काई, यूजेन पेंग, नेपाल के किरण, शाक्या तथा इस यात्रा के सूत्रधार गुरु पंडित ओमानंद का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।