ये हैं हरिद्वार के पशुपतिनाथ, जिनका नेपाल से है रिश्ता
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गर्मी के सीजन में लाखों लोग नेपाल जाकर भगवान पशुपतिनाथ का दर्शन और पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन भूकंप से हुई तबाही के बाद अब उस पर विराम लग गया है। ऐसे में जो श्रद्धालु पशुपतिनाथ के दर्शन करना चाहते हैं, वे हरिद्वार आ सकते हैं।
विश्व में पशुपति के दो ही चतुर्मुखी मंदिर हैं, जिनमें से एक हरिद्वार में हैं। हरिद्वार की शिव प्रतिमा कसौटी के उसी पत्थर से बनी है, जिससे नेपाल के पशुपति बनाए गए थे।
करीब 200 वर्ष पूर्व संवत 1876 में नेपाल के तत्कालीन राजा राज राजेंद्र विक्रम सिंह ने नेपाल के विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ की चारमुखी प्रतिमा बनवाई थी। हरिद्वार में श्रवणनाथ मठ के प्रख्यात संत बाबा श्रवणनाथ को नेपाल नरेश अपना गुरु मानते थे।
गुरु ने आदेश दिया कि नेपाल के पशुपतिनाथ जैसी प्रतिमा और मंदिर की अनुकृति हरिद्वार के श्रवणनाथ मठ में तैयार कराई जाए। राजा ने गुरु के आदेश का पालन किया और कसौटी का वही पत्थर लेकर मय लावे-लश्कर हरिद्वार चले आए। मेवाड़ के राजा रतन सिंह भी उनके साथ थे। गुरु के आदेश पर पशुपतिनाथ मंदिर की अनुकृति हरिद्वार में तैयार कराई गई।
मंदिर के अंदर है नेपाल के पशुपतिनाथ की प्रतिमूर्ति
नेपाल की भांति यहां भी उसी साइज और ऊंचाई की चारमुखी प्रतिमा भगवान पशुपतिनाथ की लगाई गई। राजा ने इस मंदिर का निर्माण उस समय दो लाख रुपयों में कराया।
साथ ही मंदिर के नाम पांच हाथी, पांच घोड़े, पांच दुशाले और सोने के दस कड़े मठ को दिए गए। तब से विश्व में पशुपतिनाथ के दो ही मंदिर चले आ रहे हैं। अन्यत्र कहीं भी तीसरा मंदिर आज तक नहीं बना। इस मंदिर का दर्शन हरिद्वार आने वाले जानकार श्रद्धालु प्राय: करते रहते हैं। श्रावण मास और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होता है।
परिक्रमा में अनेक अद्भुत मंदिर
निरंजनी अखाड़े के श्रवणनाथ मठ में स्थित भगवान पशुपतिनाथ के चारों ओर अनेक मंदिर हैं। इनमें एक मंदिर गंगा-यमुना और सरस्वती का है। याद रहे कि देश में सरस्वती नदी के मंदिर भी न के समान हैं। इनके अलावा बटुक भैरव, बाल हनुमान और विशाल हनुमान के सुंदर मंदिर विद्यमान हैं।
पशुपतिनाथ की ओर मुंह किए खड़े द्वार पाल नंदीगण की शोभा देखते ही बनती है। श्रीगणेश, कार्तिकेय, गौरीशंकर, लक्ष्मीनारायण, दो दंत गणेश, राम दरबार, महाकाल भैरव आदि के भव्य मंदिर भी आकर्षित करते हैं। यह मंदिर परिसर लघु रूप में काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर की प्रतिमूर्ति है।