फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   part time teacher in uttarakhand school

स्कूलों में रखे जाएंगे पार्टटाइम शिक्षक

Fri, 26 Sep 2014 10:12 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 26 Sep 2014 10:12 AM IST
विज्ञापन
part time teacher in uttarakhand school

उत्तराखंड में एलटी और प्रवक्ताओं के साढ़े आठ हजार खाली पदों पर अब पार्टटाइम शिक्षकों की नियुक्ति होगी।

विज्ञापन


इसके लिए स्कूलों को चिह्नित किया जा रहा है। खास बात यह है कि संबंधित ब्लॉक के बेरोजगार युवा को ही इन पदों पर रखा जाएगा। शिक्षकों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी भी शामिल होंगे।

शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 19 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया था। गुरुवार को सीमैट में प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाकर स्कूलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


यह होंगे पात्र
एलटी और प्रवक्ता बनने की योग्यता रखने वाले ब्लॉक बेरोजगार युवा इन पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। ब्लॉक में पात्र युवा न मिलने पर दूसरे ब्लॉक के बेरोजगारों को मौका दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर मानदेय दस हजार

शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल के मुताबिक लेक्चर के हिसाब से बेरोजगार युवाओं को मानदेय दिया जाएगा। अधिकतम मानदेय दस हजार रुपए होगा। उच्च शिक्षा की तर्ज पर इन शिक्षकों को रखा जा रहा है। हिमाचल एवं कुछ अन्य प्रदेशों में भी ऐसी व्यवस्था है।

एक माह में जीओ नहीं तो फिर हड़ताल
राजकीय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा है कि शिक्षकों की हड़ताल एक माह के लिए स्थगित की गई है। इस दौरान मांगों पर शासनादेश जारी न हुआ तो दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

शिक्षक संघ एक समान चयन वेतनमान समेत 16 सूत्री मांगों को लेकर 19 सितंबर से चॉक डाउन हड़ताल पर था। गुरुवार को वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश की ओर से हड़ताली शिक्षकों को बातचीत के लिए विधान सभा बुलाया गया था।

राजकीय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष करनैल सिंह के मुताबिक शिक्षकों को भरोसा दिया गया है कि एक महीने में सभी लंबित मांगों का जीओ जारी हो जाएगा। हड़ताल से पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए शिक्षकों से अनुरोध किया गया है कि वे अतिरिक्त पीरियड लगाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।

राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल के मंत्री रमेश पैन्युली ने कहा कि बैठक में एक समान वेतनमान की मांग मान ली गई है। पुरानी पेंशन का लाभ अक्तूबर 2005 तक नियुक्त उन शिक्षकों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति विज्ञप्ति पहले जारी की गई थी।

400 शिक्षकों की उत्तर प्रदेश से सूची आई है, जिन्हें रिलीव किया जाएगा। दूसरे जिन शिक्षकों की लिस्ट आएगी, उन्हें भी रिलीव किया जाएगा।

हमें उम्मीद है कि इस बार का समझौता शिक्षकों से विश्वासघात नहीं होगा। हमारी सभी 16 सूत्री मांगों पर अमल होगा।
- सोहन सिंह माजिला, कुमाऊं मंडल संरक्षक

हड़ताली शिक्षकों पर लगाएं एस्मा : हाईकोर्ट
नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षक संघ की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को शीघ्र समाप्त करवाने के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि हड़ताली शिक्षकों पर एस्मा (एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट) लगाया जाए तथा हड़ताल तुरंत समाप्त करवाई जाए।

न्यायालय ने शिक्षक संघ को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

गदरपुर निवासी सतजीत सिंह गुलाटी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पिछले एक माह से कुछ मांगों को लेकर राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना प्रदर्शन चल रहा है।

अधिवक्ता शिवांगी गंगवार ने कोर्ट में कहा कि 19 सितंबर से सभी स्कूलों के शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। जनहित याचिका में कहा गया कि यदि इनकी कोई मांगे हैं तो वह अधिकारियों से बात करें न कि हड़ताल का सहारा लें।


वैसे भी सरकारी विद्यालयों में काफी अवकाश होता है। हड़ताल से प्रदेश में शिक्षा का स्तर भी गिरेगा। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह एस्मा लगाकर तुरंत हड़ताल समाप्त कराए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed