फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Pankaj Khanna Murder: Retired CO and five other Got Lifetime imprisonment After 24 Years

पंकज खन्ना हत्याकांड: रिटायर्ड सीओ समेत छह को आजीवन कारावास, 24 साल बाद मिला न्याय

Wed, 11 Mar 2020 11:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 11 Mar 2020 11:37 PM IST
सार

  • 1996 में हुई थी पंकज खन्ना की हत्या, सभी छह आरोपियों को जेल भेजा 

विज्ञापन
Pankaj Khanna Murder: Retired CO and five other Got Lifetime imprisonment After 24 Years
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के हरिद्वार में कनखल के चिकित्सक डॉ. कैलाश खन्ना के बेटे मेडिकल स्टोर संचालक पंकज खन्ना की हत्या में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने तीन पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों को सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनाते ही सेवानिवृत्त सीओ समेत सभी छह आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। 

विज्ञापन


 शासकीय अधिवक्ता नीरज गुप्ता ने बताया कि वादी विवेक खन्ना उर्फ जुगला ने कनखल थाने पर एक जून 1996 को अपने भाई पंकज खन्ना की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि वह और उसका बड़ा भाई पंकज खन्ना उर्फ  बगुला बंगाली हॉस्पिटल रोड स्थित अपने खन्ना मेडिकल हॉल पर बैठे थे। रात को करीब पौने नौ बजे वहां पांच व्यक्ति तमंचा व खुखरी लेकर आए।
विज्ञापन


उन्होंने पंकज खन्ना को दुकान से बाहर खींच लिया और गोली मारकर भाग गए। उसे बंगाली अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने पंकज को मृत घोषित कर दिया था। विवेक खन्ना ने आरोप लगाया था कि उनके पिता डॉ. कैलाश खन्ना कृष्णा मेडिकल हॉल के स्वामी राजेश भारद्वाज के खिलाफ मुकदमे में पैरवी करते थे। इसलिए राजेश भारद्वाज उनके परिवार से रंजिश रखते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जिसमें राजेश भारद्वाज पर हत्या कराने का शक जाहिर किया गया। पुलिस ने जांच की तो अनिल पोद्दा और मधुकर के नाम शूटर के रूप में सामने आए। जांच के बाद आरोपित अनिल पोद्दा उर्फ चोला पुत्र रूपराम निवासी आवास विकास कॉलोनी रानीपुर मोड़ को गिरफ्तार किया था।

उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया और मामले में  सह आरोपी बिट्टू उर्फ मधुकर पुत्र मदनपाल निवासी वाल्मीकि बस्ती थाना कनखल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में पता चला कि राजेश भारद्वाज पुत्र महेश भारद्वाज निवासी निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार के साथ ही कनखल के तत्कालीन  थानाध्यक्ष  एमआर दुग्ताल, तत्कालीन उपनिरीक्षक नरेश चंद जौहरी और तत्कालीन हेड मुहर्रिर राजेंद्र रयाल षडयंत्र रचने में शामिल थे।

पुलिस ने इनके खिलाफ हत्या का षडयंत्र रचने के संबंध में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। मामले से संबंधित मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपितों को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed