Panchayati Raj System: ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुन सकेगी जनता, सीधा चुनाव कराने की तैयारी
ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पंचायत सदस्यों की बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त की जाती है। इससे बचने के लिए चुनाव आयोग को दिशा निर्देश देने और इन पदों का चुनाव सीधे जनता से कराए जाने की मांग की गई थी।
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पंचायतीराज व्यवस्था के तहत पंचायत चुनावों में अभी तक ग्राम प्रधानों, सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों का सीधा चुनाव होता है। इसके बाद ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चुने गए सदस्य अलग से मतदान करते हैं। इसमें समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। साथ ही सदस्यों की खरीद-फरोख्त के आरोपी भी हर चुनाव में लगते रहते हैं।
ऐसे में इस चुनाव प्रणाली में सुधार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इसके लिए सरकार एक हाई पावर कमेटी का गठन करने जा रही है, जो दूसरे राज्यों में लागू व्यवस्था का अध्ययन करने के साथ ही तमाम पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पंचायत चुनाव की व्यवस्था में परिवर्तन के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यों का भी विभाजन किया जाएगा। इस पर भी कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी।
अभी तक ऐसे होता है ब्लॉक प्रमुख और जिंप अध्यक्ष का चुनाव
प्रदेश में कुल सात हजार 950 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 13 जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में 520 जिला पंचायत सदस्य भाग लेते हैं जबकि 96 ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में करीब चार हजार क्षेत्र पंचायत सदस्य भाग लेते हैं। जो ब्लॉक प्रमुख और जिंप अध्यक्ष का चुनाव करते हैं।
बीते चुनाव में हाईकोर्ट तक पहुंचा था यह मामला
देहरादून निवासी विपुल जैन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पंचायत सदस्यों की बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त की जाती है। उन्होंने इससे बचने के लिए चुनाव आयोग को दिशा निर्देश देने और इन पदों का चुनाव सीधे जनता से कराए जाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शिता से कराने के लिए आयोग को 32 दिशा निर्देश जारी किए थे। अदालत ने इन पदों की चुनाव प्रणाली में सुधार की जरूरत बताते हुए विधानसभा से नए कानून बनाने की अपेक्षा भी जताई थी।
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