फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Panchayati Raj Act Amendment: Village area and district panchayats will remain vacant in Uttarakhand

Uttarakhand: प्रदेश में अभी खाली रहेंगी ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतें, अध्यादेश जारी होने में तकनीकी पेच

Mon, 02 Jun 2025 11:36 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 02 Jun 2025 11:36 AM IST
सार

ग्राम और क्षेत्र के बाद जिला पंचायत प्रशासकों का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। राजभवन से अध्यादेश जारी होने में तकनीकी पेच आड़े आ सकता है।

विज्ञापन
Panchayati Raj Act Amendment: Village area and district panchayats will remain vacant in Uttarakhand
बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में अभी ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतें खाली रहेंगी। जिनमें प्रशासकों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इनकी पुनर्नियुक्ति के लिए पंचायती राज एक्ट में संशोधन को लेकर राजभवन से अध्यादेश जारी होने में हरिद्वार से जुड़ा तकनीकी पेच आड़े आ सकता है।

विज्ञापन

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पंचायती राज एक्ट में यह व्यवस्था है कि किसी वजह से पांच साल के भीतर चुनाव नहीं कराए जा सके तो सरकार छह महीने के लिए इनमें प्रशासक नियुक्त कर सकती है। इसी व्यवस्था के तहत राज्य में हरिद्वार को छोड़कर ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में प्रशासकों की छह महीने के लिए नियुक्ति की गई, लेकिन इनका कार्यकाल अब खत्म हो चुका है।

विज्ञापन


इसके बावजूद पंचायतों में चुनाव नहीं कराए जा सके हैं। जिससे अब पंचायतों में प्रशासकों की पुनर्नियुक्ति की तैयारी है। इसके लिए पंचायती राज एक्ट में संशोधन की तैयारी है। एक्ट में संशोधन के लिए राजभवन भेजे गए अध्यादेश को विधायी एक बार पहले हरिद्वार से जुड़े प्रकरण का हवाला देते हुए यह कहकर लौटा चुकी है कि एक ही तरह के अध्यादेश को फिर से राजभवन मंजूरी के लिए नहीं भेजा जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

तब विधानसभा से पास हो जाता तो कानून बन जाता

हरिद्वार जिले में 2021 में त्रिस्तरीय पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव न होने की वजह से छह महीने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन प्रशासकों का छह महीने का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी जिले में चुनाव नहीं हुए। तब पंचायतों में प्रशासकों की पुनर्नियुक्ति की जा सके इसके लिए एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया गया। अध्यादेश लाने के कुछ समय बाद जिले में पंचायत चुनाव करा लिए जाने की वजह से इसे विधानसभा से पास नहीं किया गया। यदि यह विधानसभा से पास हो जाता तो कानून बन जाता।

इस वजह से लौटाया अध्यादेश

पंचायती राज एक्ट के जानकार बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की संविधानपीठ ने यह व्यवस्था दी है कि कोई अध्यादेश यदि एक बार वापस आ गया हो तो फिर से उसे उसी रूप में नहीं लाया जाएगा। ऐसा किया जाना संविधान के साथ कपट होगा। यही वजह है कि विधायी राजभवन भेजे गए अध्यादेश को एक बार लौटा चुकी है। जिसे कुछ संशोधन के बाद राजभवन भेजा गया है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather: दोपहर बाद बदला मौसम, बदरीनाथ धाम में बारिश, हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, तस्वीरें

10760 त्रिस्तरीय पंचायतें हुई खाली

प्रदेश में हरिद्वार की 318 ग्राम पंचायतों को छोड़कर 7478 ग्राम पंचायतें, 2941 क्षेत्र और 341 जिला पंचायतें हैं। जिनमें ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का कार्यकाल चार दिन पहले खत्म हो चुका है। जबकि क्षेत्र पंचायतों में दो और जिला पंचायतों में एक जून को प्रशासकों का छह महीने का कार्यकाल खत्म हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed