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तो अरबों की जमीन से पल्ला झाड़ेगा निगम
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Nov 2014 10:42 AM IST
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अपनी बेशकीमती जमीनों को बचाने में नाकाम रहा देहरादून नगर निगम अब इन्हें औने पौने दामों पर बेचकर रोज-रोज होने वाली फजीहत से छुटकारा चाहता है।
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इसी फार्मूले से निगम ने कमाए थे करोड़ों रुपए
नगर निगम की योजना जमीनों को कब्जा करने वाले लोगों को ही सर्किल रेट पर बेचने की है। इसके लिए शासन की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। 2003 में भी इसी फार्मूले से निगम ने करोड़ों रुपए कमाए थे।
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मसूरी डायवर्जन से राजपुर रोड तक सड़क के बाएं तरफ नगर निगम की अरबों रुपए की जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। जमीन के अगले हिस्से में आलीशान कोठियां बन चुकी हैं, ऐसे में निगम की जमीन तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। ऐसे में कब्जे हटा भी दिए गए तो कोई फायदा नहीं होगा।
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मेयर विनोद चमोली ने बताया इन जमीनों को फ्री होल्ड कर निलामी का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। शासन को भी यह प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन फाइल वहीं अटकी हुई है। अब दुबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा।
नहीं पता कितनी जमीन
लापरवाही की हद यह है कि नगर निगम को पता ही नहीं कि शहर में उसकी कितनी जमीन कहां है। आए दिन होने वाले विवादों का असल कारण भी यही है। अगस्त में मेयर विनोद चमोली ने किसी कंपनी सर्वे कराने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हो पाया।
बुरा फंसा पैसिफिक हिल्स
नगर निगम की जमीन पर कब्जे के मामले में पैसिफिक हिल्स बुरी तरह फंस गया है। एमडीडीए ने कब्जे की बात साबित होने पर अपार्टमेंट का नक्शा निरस्त करने की चेतावनी दी है। वहीं, मुख्य नगर अधिकारी भी नरमी के मूड में नहीं हैं।
नगर निगम का दावा है कि मसूरी डायवर्जन रोड पर बन रहे हाउसिंग प्रोजेक्ट पैसिफिक हिल्स में नगर निगम की डेढ़ बीघा जमीन कब्जाई गई है। प्रोजेक्ट के सात फ्लैट निगम की 100 वर्ग मीटर भूमि पर बनाए गए हैं।
शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद निगम ने प्रोजेक्ट के एक चौथाई हिस्से को अलग करने के लिए दीवार को काम शुरू दिया है। इसकी निगरानी के लिए मौके पर निगम कर्मचारी तैनात हैं। दीवार के बनने से अपार्टमेंट का एक रास्ता बंद हो जाएगा।
शनिवार को मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत ने फिर दोहराया कि कंपनी ने सात फ्लैट निगम को नहीं सौंपे तो नगर निगम का बुल्डोजर इन्हें ढहा देगा।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में एमडीडीए को भी पत्र भेजा गया था। एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम ने निगम को पत्र भेजकर बताया है कि यदि कब्जे की पुष्टी हुई तो नक्शा निरस्त कर दिया जाएगा।