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मसूरी की कौशल्या के कौशल को देखने पहुंच रहे उत्तराखंड के ग्राम प्रधान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कौशल्या बनी लोगों के लिए एक मिसाल
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भटटा-क्यारकुली गांव की प्रधान कौशल्या रावत ने अपने मजबूत इरादों और कार्य प्रणाली से अपने गांव की तस्वीर बदल दी है। गांव में सड़क, पेयजल सहित पर्यावरण के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य करके एक मिसाल पेश की है। उत्तराखंड में कौशल्या रावत पहली प्रधान हैं, जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल जीवन मिशन के तहत शानदार कार्य करके सीधा संवाद किया है। आज क्यारकुली गांव उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों के लिए वह प्रेरणा बन चुकी हैं।
मसूरी शहर के भटटा-क्यारकुली गांव की प्रधान कौशल्या रावत ने अपने कार्यकाल में गांव में कई ऐतिहासिक कार्य किए है जो आज कई गांवों के प्रधानों के लिए शोध का विषय हैं। ग्राम प्रधान कौशल्या रावत ने अपने गांव में जल जीवन मिशन के तहत जो कार्य किए है उनकी सराहना राज्य से लेकर केन्द्र सरकार ने भी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो अक्तूबर को कौशल्या के जल जीवन मिशन के कार्यों की तारीफ की थी। साथ ही उनके जल जीवन मिशन के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली। साल 2019 में पंचायत चुनाव में सामान्य सीट पर चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान बनी कौशल्या रावत ने कहा कि उन्होंने अपने ग्राम पंचायत भटटा-क्यारकुली को एक मॉडल और आदर्श ग्राम पंचायत बनाने कि दिशा में काम शुरू किया है, जिसमें उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिली है। अभी कुछ काम बाकी है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत में बाइस हजार विभिन्न प्रजाति के फलदार पौधों रोपे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायत की 35 महिलाओं को आठ लाख रुपये का ऋण दिलाया है। मेरा गांव मेरी सड़क के तहत आंतरिक सड़कें बनवाई हैं। पानी के टैंक बनवाएं और 102 घरों को शुद्ध पेयजल की सुविधा दी। आज कौशल्या रावत के कौशल को देखने के लिए उत्तराखंड की कई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के प्रतिनिधि भटटा-क्यारकुली गांव पहुंच रहे हैं। कौशल्या रावत बताती है कि उनके गांव में आज पानी की समस्या नहीं है और गांव पहले से काफी हराभरा हो गया है।
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मसूरी शहर के भटटा-क्यारकुली गांव की प्रधान कौशल्या रावत ने अपने कार्यकाल में गांव में कई ऐतिहासिक कार्य किए है जो आज कई गांवों के प्रधानों के लिए शोध का विषय हैं। ग्राम प्रधान कौशल्या रावत ने अपने गांव में जल जीवन मिशन के तहत जो कार्य किए है उनकी सराहना राज्य से लेकर केन्द्र सरकार ने भी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो अक्तूबर को कौशल्या के जल जीवन मिशन के कार्यों की तारीफ की थी। साथ ही उनके जल जीवन मिशन के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली। साल 2019 में पंचायत चुनाव में सामान्य सीट पर चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान बनी कौशल्या रावत ने कहा कि उन्होंने अपने ग्राम पंचायत भटटा-क्यारकुली को एक मॉडल और आदर्श ग्राम पंचायत बनाने कि दिशा में काम शुरू किया है, जिसमें उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिली है। अभी कुछ काम बाकी है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत में बाइस हजार विभिन्न प्रजाति के फलदार पौधों रोपे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायत की 35 महिलाओं को आठ लाख रुपये का ऋण दिलाया है। मेरा गांव मेरी सड़क के तहत आंतरिक सड़कें बनवाई हैं। पानी के टैंक बनवाएं और 102 घरों को शुद्ध पेयजल की सुविधा दी। आज कौशल्या रावत के कौशल को देखने के लिए उत्तराखंड की कई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के प्रतिनिधि भटटा-क्यारकुली गांव पहुंच रहे हैं। कौशल्या रावत बताती है कि उनके गांव में आज पानी की समस्या नहीं है और गांव पहले से काफी हराभरा हो गया है।
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