फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Orphan daughters get home like environment in the hostel, motherly love from the warden

Dehradun News: अनाथ बेटियों को छात्रावास में घर जैसा माहौल, वार्डन से मिला मां जैसा प्यार

Wed, 11 Oct 2023 12:39 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 11 Oct 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
Orphan daughters get home like environment in the hostel, motherly love from the warden
I- कोरोना काल में गुजर गए मां-बाप की अनाथ बेटियां यहां रह रहींI
विज्ञापन

I
I

I- छात्राओं को पढ़ना, रहना, खाना निशुल्क, 200 रुपये स्कॉलरशिप भी मिलती हैI

आरकेडिया क्षेत्र के बनियावाला गोरखपुर चौक स्थित नेता जी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में रह रहीं अनाथ बेटियों के जीवन में उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। उन्हें अपना भविष्य सुंदर और उज्जवल दिखाई दे रहा है। इस छात्रावास में छह से 16 साल की 152 अनाथ और बेसहारा छात्राएं रह रही हैं। जिन छात्राओं के पास अपना घर नहीं था उन्हें यहां अपने घर जैसा माहौल मिलता है। यहां रहकर वो पढ़ाई करती हैं। वार्डन मां की तरह उनका ख्याल रखती हैं। यहां पर अन्य लड़कियां उनकी सहेलियां हैं। पढ़ाई के साथ इनकी प्रतिभा को भी निखारा जा रहा है।


छात्रावास की वार्डन संगीता तोमर कहती हैं कि सरकार बेटियों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पढ़ेंगी बेटियां तभी तो बढ़ेंगी बेटियां। इन बेटियों में किसी के मां-बाप कोरोना काल में गुजर गए थे, तो किसी की मां या पिता में कोई एक नहीं है। कुछ कूड़ा बीनने का काम तो कुछ मजदूरी करती थीं। अब इनका जीवन बेहतर बनता दिखाई दे रहा है। अब इन्हें पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है। पढ़-लिखकर कुछ करने की जरूरत है। यह सभी छात्रावास में रहती है और नजदीक सरकारी स्कूल में पढ़ने जाती हैं। इनके रहने, पढ़ने और खाने की व्यवस्था निशुल्क है। इसके अलावा हर महीने 200 रुपये स्कॉलरशिप भी दी जाती है।
विज्ञापन




I- बेटियों के लिए सिर्फ एक ऐसा छात्रावास -I
संगीता ने बताया कि जिले में इस तरह के चार छात्रावास हैं, लेकिन बेटियों के लिए ऐसा सिर्फ एक छात्रावास है। छात्रावास में कुल 25 कमरे हैं और इसमें 152 छात्राएं रहती हैं। एक कमरे में जहां चार छात्राओं के रहने की जगह है, वहां पर छह को रखना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार की ओर से दूसरा छात्रावास भी बनाया जा रहा है। यहां पर अन्य लड़कियां भी रहना चाहती हैं, लेकिन जगह न होने की वजह से नहीं आ पा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed