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Dehradun News: दून विश्वविद्यालय में एमएससी शहरी विकास प्रबंधन की शुरुआत
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Iओरिएंटेशन कार्यक्रम में कुलपति ने बताई महत्ताI
दून विश्वविद्यालय में एमएससी शहरी विकास प्रबंधन की शुरुआत पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पाठ्यक्रम की रूपरेखा और इसके महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने स्वागत भाषण में बताया कि यह पाठ्यक्रम सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के अकादमिक सहयोग से शुरू किया गया है। शहरों के विकास से जुड़े इस पाठ्यक्रम का छात्रों को लाभ मिलेगा। डॉ. आशीष के श्रीवास्तव ने कहा कि शहरी नियोजन में यह महत्वपूर्ण है कि छात्र समस्या की पहचान करने की कला सीखें। उन्होंने कहा कि छात्रों को शहरी नियोजन और विकास के सामने आने वाली समस्या के मूल कारण में जाना चाहिए। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि कैसे शहरी नियोजन का पर्यावरण संबंधी चिंताओं से सीधा संबंध है। डीआईटी यूनिवर्सिटी के एचओडी डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि छात्रों को शहरी विकास प्रबंधन का अध्ययन क्यों करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. आरपी ममगाईं, शहरी नियोजन समन्वयक डॉ. स्वाति बिष्ट, सह समन्वयक डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अविनाश जोशी और डॉ. अविजीत सहाय आदि मौजूद रहे।
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Iओरिएंटेशन कार्यक्रम में कुलपति ने बताई महत्ताI
दून विश्वविद्यालय में एमएससी शहरी विकास प्रबंधन की शुरुआत पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पाठ्यक्रम की रूपरेखा और इसके महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने स्वागत भाषण में बताया कि यह पाठ्यक्रम सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के अकादमिक सहयोग से शुरू किया गया है। शहरों के विकास से जुड़े इस पाठ्यक्रम का छात्रों को लाभ मिलेगा। डॉ. आशीष के श्रीवास्तव ने कहा कि शहरी नियोजन में यह महत्वपूर्ण है कि छात्र समस्या की पहचान करने की कला सीखें। उन्होंने कहा कि छात्रों को शहरी नियोजन और विकास के सामने आने वाली समस्या के मूल कारण में जाना चाहिए। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि कैसे शहरी नियोजन का पर्यावरण संबंधी चिंताओं से सीधा संबंध है। डीआईटी यूनिवर्सिटी के एचओडी डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि छात्रों को शहरी विकास प्रबंधन का अध्ययन क्यों करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. आरपी ममगाईं, शहरी नियोजन समन्वयक डॉ. स्वाति बिष्ट, सह समन्वयक डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अविनाश जोशी और डॉ. अविजीत सहाय आदि मौजूद रहे।
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