सीएम त्रिवेंद्र का बड़ा फैसला, हरीश सरकार के दायित्वधारियों पर गिरी गाज
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पूर्व सरकार के 300 दायित्वधारियों को पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें से कुछ ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिए थे। मगर बड़ी संख्या में महानुभाव प्रदेश में सरकार बदल जाने के बावजूद कुर्सी से चिपके थे।
बुधवार को मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर ऐसे सभी महानुभावों को पदमुक्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बता दें कि प्रदेश में 18 मार्च से नई सरकार का गठन हो चुका है। प्रदेश की सत्ता से कांग्रेस की विदाई हो चुकी है। सत्ता पर अब भाजपा काबिज है।
सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही विभागीय मंत्रियों ने अपने विभागों से संबंधित बोर्ड, निगम और आयोगों में मनोनीत दायित्वधारियों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया था, मगर अब भी सरकार के दर्जनों उपक्रमों में मनोनीत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार, निदेशक, सदस्यों ने अपने पदों से त्यागपत्र नहीं दिया है।
कैबिनेट मंत्रियों ने तो अपने स्तर पर ऐसे दायित्वधारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मगर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मातहत मंत्रालयों और विभागों से संबंधित संस्थाओं में दायित्वधारियों को नहीं हटाया जा सका है।
संवैधानिक पदों के महानुभाव बने रहेंगे
बुधवार को मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने ऐसे सभी दायित्वधारियों और गैरसरकारी महानुभावों को पदमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए। इस संबंध में गोपन (मंत्रिपरिषद) अनुभाग से आदेश सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और प्रभारी सचिवों को जारी हुए हैं।
संवैधानिक पदों के महानुभाव बने रहेंगे
मुख्य सचिव के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संवैधानिक पदों पर मनोनीत महानुभाव को छोड़कर बाकी महानुभावों को पदमुक्त किया जाएगा।
पुराने हटेंगे तो नए बनेंगे
सूत्रों की मानें नई सरकार पर पार्टी के नेताओं को सरकार में एडजस्ट कराने का भी दबाव है। कई वरिष्ठ नेता हैं जिनकी निगाहें लालबत्ती के ओहदों पर लगी है। उनके लिए जगह बनाने को ये सफाई अभियान छेड़ा गया है। सूत्रों की मानें तो सभी दायित्वधारियों को हटाये जाने के बाद शासन स्तर पर चुनिंदा दायित्व की एक सूची तैयारी होगी।