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अगर आपके पास बाइक की सर्विस कराने के लिए समय नहीं है तो चिंता की कोई बात नहीं। सर्विस के लिए ऑनलाइन आवेदन करें और निश्चिंत हो जाएं।
‘गैराज मास्टर’ कंपनी के कर्मचारी आपकी बाइक ले जाएंगे और सर्विस कर घर छोड़ जाएंगे। घर बैठे बाइक सर्विस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दून के युवा दीपक माट्टा ने इस कंपनी की शुरुआत की है। सर्विस उपलब्ध कराने के साथ ही उन्होंने अपनी कंपनी में स्थायी और अस्थायी रूप से करीब दो दर्जन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
सहारनपुर चौक निवासी दीपक ने हेरिटेज स्कूल से स्कूलिंग और ग्राफिक एरा से बीबीए किया। इसके बाद उन्होंने नोएडा के जेआरई ग्रुप से एमबीए किया।
‘गैराज मास्टर’ कंपनी शुरू की
एमबीए के दौरान ही दीपक ने सोच लिया था कि ऐसा काम करेंगे, जिससे उन्हें किसी से नौकरी न मांगनी पड़े, बल्कि खुद युवाओं को रोजगार दें। लिहाजा कंपनी बनाने की योजना बनाई।
कंपनी बनाने से पहले अनुभव के लिए उन्होंने देहरादून में एक कंपनी में दो साल तक बतौर एसोसिएट टीम लीडर काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘गैराज मास्टर’ कंपनी शुरू की। उन्होंने चार बाइक मैकेनिक रखे और वेबसाइट www.garagemaster.in (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट जीएआरएजीईएमएएसटीईआर डॉट इन) तैयार की।
वेबसाइट पर बाइक, स्कूटर सर्विस के ऑर्डर लेने शुरू किए। देखते ही देखते छह माह के भीतर उनकी सर्विस लेने वालों की संख्या हजार पार कर गई। प्रतिमाह करीब 250 बाइक्स उनके पास ऑनलाइन ऑर्डर से सर्विस के लिए आती हैं। दीपक का मकसद अब अपनी कंपनी की सर्विसेज कार और अन्य क्षेत्र में बढ़ाना है।
क्या है खास
दीपक ने बताया कि वह तीन तरह की सर्विस देते हैं। पहली सर्विस (सिल्वर) बाजार में उपलब्ध सर्विस की तरह है। बाजार में बाइक की जो सर्विस 300 से 350 रुपये में होती है, वह 199 रुपये में देते हैं।
इसके अलावा उन्होंने गोल्ड और प्लेटिनम सर्विस भी शुरू की है, जिसमें बाइक्स की सर्विस और बेहतर बनाने के साथ ही स्क्रैच आदि भी हटाए जाते हैं। गोल्ड का रेट 250 और प्लेटिनम सर्विस का रेट 300 रुपये है। दीपक ने शहर के 20 से ज्यादा गैराज के साथ टाईअप किया है। हर गैराज पर उनका एक बाइक मैकेनिक मौजूद है।
बाइक्स के शौक से बनी ‘गैराज मास्टर’
दीपक ने बताया कि उन्हें कॉलेज के दिनों से ही बाइक्स का काफी शौक था। लिहाजा, उन्होंने बाइक्स की सर्विस का काम शुरू किया है। बाजार में तमाम मैकेनिक हैं जो साक्षर और नेट फ्रेंडली न होने से पिछड़ जाते हैं, लेकिन वह इंटरनेट के माध्यम से बाइक्स की नई टेक्नोलॉजी सीखते हैं और अपने मैकेनिक को अपडेट करते हैं।
कोई भी हाईटेक बाइक वह सर्विस करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार में लोग उन पर विश्वास भी नहीं करते, फिर उन्हें अपने सभी कागजात दिखाते हैं, पक्का बिल देते हैं तो वह अपनी बाइक सर्विस के लिए दे देते हैं।