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Dehradun News: ‘2016 से दिया जाए सातवें वेतनमान का एरियर’
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I- सहकारी कर्मचारी संघ ने चार दिन से जारी धरना प्रदर्शन में उठाई मांगI
उत्तराखंड राज्य सहकारी कर्मचारी संघ ने सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान को लेकर यूसीएफ मुख्यालय पर चौथे दिन रविवार को भी धरना प्रदर्शन किया। इसमें कर्मचारियों ने कहा कि सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए। लेकिन, यह एक अप्रैल 2018 से दिया जा रहा है। ऐसे में 2016 से 31 मार्च 2018 तक कार्यरत कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।
संगठन के महामंत्री पीसी चौबे ने कहा कि 11 अक्टूबर 2017 को यूसीएफ मुख्यालय पर नौ दिन तक आंदोलन चला था। जिसमें निबंधक, विधायक नवीन दुम्का, प्रबंध निदेशक और कर्मचारी संघ के बीच बैठक में सभी बातें मान ली गई थीं। लेकिन तब से अब तक मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। कहा, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश नकदीकरण का भुगतान छठे वेतनमान के आधार पर दिया गया है। जबकि, सातवें वेतनमान के अनुसार यह लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए था। ऐसे में कर्मचारियों को रोटी, दवाई के साथ ही अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, गरीश चंद्र शर्मा, चंडी प्रसाद रुडोला, हरीश चंद्र बमेठा, मोहन चंद्र, सलीम अहमद, मोहन चंद्र चंदोला आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड राज्य सहकारी कर्मचारी संघ ने सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान को लेकर यूसीएफ मुख्यालय पर चौथे दिन रविवार को भी धरना प्रदर्शन किया। इसमें कर्मचारियों ने कहा कि सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए। लेकिन, यह एक अप्रैल 2018 से दिया जा रहा है। ऐसे में 2016 से 31 मार्च 2018 तक कार्यरत कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।
संगठन के महामंत्री पीसी चौबे ने कहा कि 11 अक्टूबर 2017 को यूसीएफ मुख्यालय पर नौ दिन तक आंदोलन चला था। जिसमें निबंधक, विधायक नवीन दुम्का, प्रबंध निदेशक और कर्मचारी संघ के बीच बैठक में सभी बातें मान ली गई थीं। लेकिन तब से अब तक मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। कहा, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश नकदीकरण का भुगतान छठे वेतनमान के आधार पर दिया गया है। जबकि, सातवें वेतनमान के अनुसार यह लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए था। ऐसे में कर्मचारियों को रोटी, दवाई के साथ ही अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, गरीश चंद्र शर्मा, चंडी प्रसाद रुडोला, हरीश चंद्र बमेठा, मोहन चंद्र, सलीम अहमद, मोहन चंद्र चंदोला आदि मौजूद रहे।
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