{"_id":"2d1d3448d9d506e611d4a1bacd87249d","slug":"officer-alleged-in-molestation","type":"story","status":"publish","title_hn":"...और कितने बचे हैं भाई!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...और कितने बचे हैं भाई!
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 21 Dec 2013 04:48 PM IST
विज्ञापन
नौकरी का झांसा देकर महिला के यौन शोषण और अफसरों को ब्लैकमेल करने के चर्चित प्रकरण को करीब एक महीना होने को है। लेकिन महीने भर से सचिवालय से लेकर मीडियाकर्मियों और पुलिस विभाग से कचहरी परिसर तक में लोगों की जुबां पर इसकी हर तरह से खूब गपशप लड़ाई जा रही है।
विज्ञापन
पढ़ें, महिलाएं नहीं कर सकतीं राजधानी में ये काम
विज्ञापन
मसलन, यौन शोषण प्रकरण में अभी कितने अफसरों के चेहरे बेनकाब होंगे, कौन किसको बेनकाब कर रहा है, किसने किसको व किसलिए इस्तेमाल किया, करोड़ों की ब्लैकमेलिंग की डील में और कौन-कौन शामिल थे।
विज्ञापन
पढ़ें, यौन शोषणः 'डीजीपी और ममता बोहरा ने रची कहानी'
सबसे अहम बात यह कि मामले में नए-नए नाम सामने आने पर सचिवालय से लेकर कथित मीडियाकर्मियों में घबराहट का माहौल है। एक साहब तो पूछ ही बैठे कि, कुछ बतायें तो सही अब और कितने लोग बेनकाब होने से बचे हैं भाई।