10 सितंबर से उत्तराखंड में नर्सों की महाहड़ताल
नर्सों ने आंदोलन की रणनीति बदलते हुए अब 10 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। पूर्व में निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन के तहत नर्सों का 14 सितंबर से हड़ताल पर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
कार्य बहिष्कार कर रहीं नर्सों की मांगों पर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने राजकीय नर्सेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता की। वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार शाम राजकीय नर्सेज एसोसिएशन की नर्सेज आवास में बैठक हुई।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार और विभाग नर्सों के हितों के प्रति हठधर्मिता अपना रहे हैं। इसलिए अब आंदोलन को और धार देनी होगी। कहा कि बुधवार तक सामूहिक कार्य बहिष्कार के बाद 10 सितंबर (बृहस्पतिवार) से प्रदेशभर में राजकीय नर्सेज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
मांग पूरी हुए बिना पीछे नहीं हटेंगी नर्सें
इससे पहले मंगलवार दोपहर कार्य से विरत रहकर नर्सों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन की प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने कहा कि नर्सें इस बार किसी भी हाल में मांग पूरी हुए बिना पीछे नहीं हटेंगी।
जिले के सभी अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एएनएम, संविदा नर्स और फार्मासिस्टों से काम कराया जा रहा है। कुछ एनजीओ की नर्स की भी मदद ली जा रही है। महानिदेशालय से लगातार दिशा-निर्देश लिए जा रहे हैं।
-डॉ. एसपी अग्रवाल, सीएमओ
10 सितंबर से नर्सों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का पता लगा है। वैकल्पिक व्यवस्था से काम चल रहा है। बाकी महानिदेशालय से अतिरिक्त नर्स, एएनएम आदि की मांग कर दी गई है।
-डॉ. आरएस असवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल