EVM पर ऐसे मिलता है प्रत्याशी को नंबर
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वोटिंग मशीन में प्रत्याशियों के नामों के क्रम के लिए निर्वाचन आयोग ने अलग से वर्णमाला बना रखी है। इसी आधार पर प्रत्याशियों के नाम सेट किए जाते हैं।
आयोग की वर्णमाला का क्रम स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली वर्णमाला के क्रम से अलग है।
इस संबंध में 1991 में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उत्तर प्रदेश से शासनादेश जारी किया था। इसमें नामों के क्रम के संबंध में नियमावली भी दी गई है। इसी शासनादेश का पालन उत्तराखंड में भी हो रहा है।
इस तरह से चलती है वर्णमाला
इसमें बताया गया कि अगर किसी का नाम आधे अक्षर से शुरू होता है तो उसकी उपेक्षा कर दी जाएगी। अगर कोई नाम शॉर्ट में लिखता है, मसलन एचएन खरे तो उसका नाम ख के क्रम से लिया जाएगा।
अगर कई प्रत्याशी एक ही नाम के हैं तो उनके सरनेम के पहले अक्षर से बैलट का क्रम बनाया जाएगा। अगर प्रत्याशियों का नाम और सरनेम भी मिलता है तो उनके पिता के नाम, व्यावसाय अथवा निवास स्थान के पहले अक्षर से वर्णाक्रम बनेगा।
अगर प्रत्याशी के नाम के आगे सम्मान या उपाधि सूचक शब्द हैं, जैसे स्वामी, डाक्टर, इंजीनियर, कुंवर आदि तो उनकी उपेक्षा कर दी जाएगी। वर्णाक्रम मुख्य नाम के पहले अक्षर से निर्धारित किया जाएगा।
यह है आयोग की वर्णमाला का क्रम
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं
क, क्ष, ख, ग, प
च, छ, ज, ल
ट, ठ, ड, ढ
त, त्र, थ, द, प, न
प, फ, ब, भ, म
य, र, ल, व, श, श्र, ष, स, ह, ज्ञ