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व्यावसायिक भवन बनाते समय अब भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य -
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राजधानी में अब बड़े व्यावसायिक भवनों मसलन मॉल, शापिंग कांप्लेक्स बनाते समय भवन स्वामियों और बिल्डरों को भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा। उनके भवनों के मानचित्र को मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की स्वीकृति भी तभी मिलेगी जब उसमें इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह चिह्नित होगी। इस संबंध में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं एमडीडीए में मानचित्रों की स्वीकृति देने वाले सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया जा रहा है।
विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार, शासन के निर्देश पर अब बड़े व्यावसायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति तभी दी जाएगी जब भवन स्वामियों या बिल्डरों द्वारा प्रस्तावित भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने का प्रस्ताव किया जाएगा। इतना ही नहीं भवन स्वामियों और बिल्डरों द्वारा प्राधिकरण में जो भी मानचित्र स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे उसमें विधिवत इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों का प्रावधान करना होगा। आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किए गए मानचित्रों में यदि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन का प्रस्ताव नहीं है तो ऐसे मानचित्रों को तत्काल प्रभाव से अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा दिया जा सके इसके लिए प्राधिकरण अधिकारियों, अभियंताओं को जागरूक करने के साथ ही आर्किटेक्ट व भवन स्वामियों को भी जागरूक किया जाएगा। बताया कि बगैर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन वाले भवनों को किसी भी सूरत में स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत का कहना है कि फिलहाल राजधानी में जो भी नए बड़े व्यावसायिक भवन बनाए जाएंगे उसमें यह व्यवस्था लागू की जा रही है। साथ ही पूर्व में जो भी बड़े व्यवसायिक भवन बनाए गए हैं उसमें भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। बता दें कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में हजारों की संख्या में बड़े व्यावसायिक भवन है जिसमें बड़े बड़े मॉल, शापिंग कांप्लेक्स से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। लेकिन एक भी भवन में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की सुविधा फिलहाल नहीं है। लेकिन अब जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक से अधिक इस्तेमाल किए जाने पर सरकार जोर दे रही है तो तमाम व्यवसायिक भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की योजना तैयार की जा रही है।
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पेट्रोलपंपों पर भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की लागू है व्यवस्था
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर देश भर तमाम पेट्रोलपंपों के साथ ही राजमार्गो के किनारे जगह जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक खुद ही चार्जिग स्टेशन लगाने का ओे आए ताकि जहां इलेक्ट्रिक वाहन संचालकों को चार्जिंग की सहूलियतें हों, वहीं लोगों को रोजगार केअवसर भी मुहैया कराए जा सकें।
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विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार, शासन के निर्देश पर अब बड़े व्यावसायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति तभी दी जाएगी जब भवन स्वामियों या बिल्डरों द्वारा प्रस्तावित भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने का प्रस्ताव किया जाएगा। इतना ही नहीं भवन स्वामियों और बिल्डरों द्वारा प्राधिकरण में जो भी मानचित्र स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे उसमें विधिवत इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों का प्रावधान करना होगा। आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किए गए मानचित्रों में यदि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन का प्रस्ताव नहीं है तो ऐसे मानचित्रों को तत्काल प्रभाव से अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
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प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा दिया जा सके इसके लिए प्राधिकरण अधिकारियों, अभियंताओं को जागरूक करने के साथ ही आर्किटेक्ट व भवन स्वामियों को भी जागरूक किया जाएगा। बताया कि बगैर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन वाले भवनों को किसी भी सूरत में स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत का कहना है कि फिलहाल राजधानी में जो भी नए बड़े व्यावसायिक भवन बनाए जाएंगे उसमें यह व्यवस्था लागू की जा रही है। साथ ही पूर्व में जो भी बड़े व्यवसायिक भवन बनाए गए हैं उसमें भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। बता दें कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में हजारों की संख्या में बड़े व्यावसायिक भवन है जिसमें बड़े बड़े मॉल, शापिंग कांप्लेक्स से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। लेकिन एक भी भवन में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की सुविधा फिलहाल नहीं है। लेकिन अब जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक से अधिक इस्तेमाल किए जाने पर सरकार जोर दे रही है तो तमाम व्यवसायिक भवनों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की योजना तैयार की जा रही है।
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पेट्रोलपंपों पर भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की लागू है व्यवस्था
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर देश भर तमाम पेट्रोलपंपों के साथ ही राजमार्गो के किनारे जगह जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक खुद ही चार्जिग स्टेशन लगाने का ओे आए ताकि जहां इलेक्ट्रिक वाहन संचालकों को चार्जिंग की सहूलियतें हों, वहीं लोगों को रोजगार केअवसर भी मुहैया कराए जा सकें।