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ऑपरेशन कालनेमि : अब केवल हिरासत नहीं मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी हो सकेगी
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I- गृह विभाग ने पुलिस को जारी किए निर्देश, विभिन्न कानूनों में दर्ज होंगे मुकदमे
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I- अभी तक ज्यादातर मामलों में शांतिभंग करने के आरोप में हो रही थी कार्रवाईI
ऑपरेशन कालनेमि के तहत पकड़े गए लोगों पर अब विभिन्न कानूनों में मुकदमे दर्ज होंगे। अभी तक पुलिस ज्यादातर मामलों में छद्म वेशधारियों को केवल शांतिभंग करने के आरोप में हिरासत में लेती थी मगर अब उनकी गिरफ्तारी भी हो सकेगी।
इसके लिए सोमवार को अपराधों का वर्गीकरण करते हुए गृह विभाग ने पुलिस को दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके संबंध में पुलिस के माध्यम से प्रचार प्रसार करने के लिए भी गृह विभाग ने निर्देशित किया है। गौरतलब है कि पहचान छिपाकर लोगों को धोखा दे रहे लोगों की धरपकड़ के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया था। इसमें साधु वेशधारियों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में ऐसे लोग भी सामने आए जो विभिन्न तरीकों से लोगों को भ्रम में डालकर उनका आर्थिक और शारीरिक नुकसान भी कर रहे हैं। इनमें अपहरण, दुष्कर्म, चमत्कारिक उपचार, साइबर अपराध, विवाह के लिए छल आदि मामले भी शामिल हैं। ऐसे में सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली ने इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लोगों को इन अपराधों की जागरूकता के लिए अभियान चलाने को भी कहा है। इसके लिए सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए ताकि लोगों को छद्म वेशधारियों के जाल में फंसने से बचाया जा सके। गृह सचिव ने ऑपरेशन कालनेमि के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय स्तर पर हर दिन इसकी एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट को नियमानुसार प्रत्येक दिन शासन को भी उपलब्ध कराया जाए।
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I- अभी तक ज्यादातर मामलों में शांतिभंग करने के आरोप में हो रही थी कार्रवाईI
ऑपरेशन कालनेमि के तहत पकड़े गए लोगों पर अब विभिन्न कानूनों में मुकदमे दर्ज होंगे। अभी तक पुलिस ज्यादातर मामलों में छद्म वेशधारियों को केवल शांतिभंग करने के आरोप में हिरासत में लेती थी मगर अब उनकी गिरफ्तारी भी हो सकेगी।
इसके लिए सोमवार को अपराधों का वर्गीकरण करते हुए गृह विभाग ने पुलिस को दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके संबंध में पुलिस के माध्यम से प्रचार प्रसार करने के लिए भी गृह विभाग ने निर्देशित किया है। गौरतलब है कि पहचान छिपाकर लोगों को धोखा दे रहे लोगों की धरपकड़ के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया था। इसमें साधु वेशधारियों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में ऐसे लोग भी सामने आए जो विभिन्न तरीकों से लोगों को भ्रम में डालकर उनका आर्थिक और शारीरिक नुकसान भी कर रहे हैं। इनमें अपहरण, दुष्कर्म, चमत्कारिक उपचार, साइबर अपराध, विवाह के लिए छल आदि मामले भी शामिल हैं। ऐसे में सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली ने इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने लोगों को इन अपराधों की जागरूकता के लिए अभियान चलाने को भी कहा है। इसके लिए सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए ताकि लोगों को छद्म वेशधारियों के जाल में फंसने से बचाया जा सके। गृह सचिव ने ऑपरेशन कालनेमि के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय स्तर पर हर दिन इसकी एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट को नियमानुसार प्रत्येक दिन शासन को भी उपलब्ध कराया जाए।
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