डिस्ट्रिक्ट रोड में तब्दील होंगें ये स्टेट हाइवे, अधिसूचना जारी
शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों की सीमा से होकर गुजरने वाले 64 स्टेट हाईवे को डिस्ट्रिक्ट रोड में तब्दील करने के त्रिवेंद्र कैबिनेट के फैसले के बाद शनिवार को लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।
हालांकि, लोनिवि ने स्टेट हाईवे को डी-नोटिफाई करने के पीछे दूसरे तर्क दिए हैं। प्रभारी सचिव लोनिवि अरविंद सिंह ह्यांकी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों की सीमा से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के दोनों ओर जनसंख्या का दबाव बढ़ा है।
इन मार्गों के किनारे भवन निर्माण गतिविधियों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। पेयजल, सीवर, टेलीफोन और बिजली की लाइन बिछाने और नाली निर्माण, बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर एवं होर्डिंग्स लगाने की वजह से मार्ग का रखरखाव और विस्तार में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं
पर शराब कारोबार ही असल वजह
इसलिए शासन ने इन सभी राजकीय राजमार्गों के उन हिस्सों को डिनोटिफाई (अवर्गीकृत) कर दिया है जो नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत की सीमा से गुजरते हैं।
पर शराब कारोबार ही असल वजह
स्टेट हाईवे को डिनोटिफाई करने की वजह सरकार चाहे जो भी बता रही है, लेकिन असली मकसद प्रदेश के शराब कारोबार को बचाना है। सरकार के वश में स्टेट हाईवे को डिनोटिफाई करना था, इसलिए उसने पर निर्णय लेने में जरा भी देर नहीं लगाई।
63 निकायों से गुजरते हैं 64 स्टेट हाईवे
विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रदेश के कुल 64 स्टेट हाईवे 63 शहरी स्थानीय निकायों की सीमा से होकर गुजरते हैं। इस सीमा के भीतर नगरीय क्षेत्र की परिधि में ये स्टेट हाईवे अन्य जिला मार्ग (ओडीआर) हो गए हैं।