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Dehradun News: 35 हजार की आबादी के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
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कालसी तहसील क्षेत्र के 180 गांवों के मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए विकासनगर जाना पड़ता है। साहिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन निर्माण के 19 साल बाद भी अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। करीब 35 हजार की आबादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए अस्पताल पर निर्भर है। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को जांच के लिए विकासनगर जाना पड़ता है।
इसी साल 24 जनवरी को ग्रामीणों ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाने के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी के माध्यम से सीएमओ को पत्र भेजा था। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर अल्ट्रासाउंड मशीन न लगने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी, हालांकि जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए थे।
सुरेंद्र सिंह चौहान, भीमदत्त वर्मा, रविंद्र पाल सिंह, मोहन लाल शर्मा, इंदर सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि रात को अगर किसी गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है, तो फिर देहरादून के प्राइवेट जांच केंद्रों में जाना ही एक मात्र विकल्प है। कहा कि अगर 15 दिनों में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिलती है तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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वर्जन
ग्रामीणों की अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग को लेकर अधिकारियों को अपडेट करवा दिया था, लेकिन अब तक ठोस जवाब नहीं मिला है। अधिकारियों को फिर से पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. विक्रम सिंह तोमर, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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इसी साल 24 जनवरी को ग्रामीणों ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाने के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी के माध्यम से सीएमओ को पत्र भेजा था। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर अल्ट्रासाउंड मशीन न लगने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी, हालांकि जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए थे।
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सुरेंद्र सिंह चौहान, भीमदत्त वर्मा, रविंद्र पाल सिंह, मोहन लाल शर्मा, इंदर सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि रात को अगर किसी गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है, तो फिर देहरादून के प्राइवेट जांच केंद्रों में जाना ही एक मात्र विकल्प है। कहा कि अगर 15 दिनों में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिलती है तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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ग्रामीणों की अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग को लेकर अधिकारियों को अपडेट करवा दिया था, लेकिन अब तक ठोस जवाब नहीं मिला है। अधिकारियों को फिर से पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. विक्रम सिंह तोमर, प्रभारी चिकित्साधिकारी