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बेहाल अस्पताल: मशीनें तो लग गईं पर चलाएगा कौन
अमर उजाला, पौड़ी
Updated Thu, 10 Jul 2014 08:47 PM IST
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उत्तराखंड के पौड़ी जिले के अस्पतालों में लगी दो अल्ट्रासाउंड मशीनें और चार एक्सरे मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं। इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन की कमी के कारण मशीनें धूल फांक रही हैं। अल्ट्रासाउंड व एक्सरे कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है।
नहीं है रेडियोलॉजिस्ट
पौड़ी जिले में जिला अस्पताल पौड़ी, संयुक्त अस्पताल कोटद्वार और श्रीनगर मेडिकल कालेज अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। वर्तमान में सिर्फ संयुक्त अस्पताल कोटद्वार में मरीजों को लाभ मिल पा रहा है।
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रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिला अस्पताल पौड़ी और श्रीनगर मेडिकल कालेज की मशीनें धूल फांक रही हैं। सुविधा न होने के कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट सेंटरों पर निभर्र रहना पड़ रहा है।
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एक्सरे मशीनों का भी यही हाल
कमोवेश यही स्थितियां जिले के अस्पतालों में लगी एक्सरे मशीनों की बनी हुई है। वर्तमान में जिले में जिला अस्पताल पौड़ी, श्रीनगर मेडिकल कालेज, संयुक्त अस्पताल कोटद्वार के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ, घंडियाल, बीरोंखाल, नैनीडांडा और थलीसैण में एक्सरे मशीन है। इनमें से पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार और पाबौ में ही एक्सरे सुविधा मिल रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंडियाल, बीरोंखाल, नैनीडांडा और थलीसैण में एक्सरे टेक्नीशियन न होने से इनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। इन क्षेत्रों के लोगों को एक्सरे कराने के लिए पौड़ी, श्रीनगर या कोटद्वार आना पड़ रहा है।