{"_id":"5901ac804f1c1bbc62c0c4a8","slug":"no-pump-in-pump-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंप हाउस में पंप नहीं, 10 हजार प्यासे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंप हाउस में पंप नहीं, 10 हजार प्यासे
नलिनी गुसाईं / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 27 Apr 2017 02:02 PM IST
विज्ञापन
water crisis
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमवाला-सौंदोवाली में पंप हाउस तो बन गया है, लेकिन इसके अंदर पंप नहीं है। ऐसे में इस क्षेत्र की 10 हजार आबादी को पेयजल के लाले पड़े हैं।
विज्ञापन
गर्मी में पीने के पानी की दिक्कत बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री घोषणा की इस योजना के तहत पंप हाउस बनवाकर पेयजल निगम अब पंप के लिए 10 लाख रुपये न होने का रोना रो रहा है। डेढ़ साल से लोगों को पंप लगने का इंतजार है। लोगों का कहना है कि पंप हाउस भले ही न बनता लेकिन नलकूप में पंप लग जाता तो 10 हजार लोगों को राहत मिलनी है।
विज्ञापन
आमवाला-सौंदोवाली क्षेत्र की 10 आबादी को जलापूर्ति के लिए योजना तैयार की गई थी। लोगों की शिकायतों पर पेयजल निगम ने करीब ढाई साल पहले काम शुरू किया। ओवर हैड टैंक और पंप हाउस बनाकर तैयार कर दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब जल्द ही पानी मिल सकेगा लेकिन सब कुछ तैयार होने के बाद भी योजना चालू नहीं की गई। लोगों के कहने पर निगम की ओर से तर्क दिया गया कि पंप हाउस में लगे नलकूप में अभी पंप नहीं लगा है।
विज्ञापन
पंप लगाने और बिजली कनेक्शन करने के लिए दस लाख रुपये की आवश्यकता होगी और निगम के पास बजट नहीं है। यहां सवाल यह है कि जो काम निगम को सबसे पहले करना चाहिए वही नहीं हुआ। नलकूप लग जाता तो लोगों को तुरंत लोगों राहत मिल जाती। पंप हाउस के निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कमीशन तय होता है, इसलिए इसे प्राथमिकता दी गई। इतनी बड़ी योजना तैयार कर दी लेकिन अब बजट का रोना रोया जा रहा है।
यह योजना विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्रित्व काल की रही है, लेकिन इसका काम बाद में शुरू हुआ। वहीं एक साल से तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हमारी विधानसभा के लिए कोई बजट ही नहीं दिया था। जिस वजह से यह योजना अधूरी रह गई। लेकिन अब बजट का इंतजाम कर योजना पर काम कराया जा रहा है।
- उमेश शर्मा (काऊ), विधायक, रायपुर विधानसभा
मुख्यमंत्री घोषणा के तहत पूरा पैसा इस योजना के लिए रिलीज नहीं हुआ था। जिस वजह से काम अटक गया था। फिलहाल टेंपरेरी पंप डाल योजना शुरू की जा रही है। विद्युत विभाग में पैसे जमा कर दिए गए हैं। जल्द ही कनेक्शन भी हो जाएगा।
- जीतेंद्र देव, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम
पेयजल निगम ने योजना तो शुरू कर दी लेकिन काम पूरा नहीं किया। जबकि हम मानकर चल रहे थे कि जल्द ही लोगों को पानी मिल सकेगा। वहीं लोग हमसे योजना के संबंध में सवाल करते हैं। क्योंकि सीधे जनता से जुड़ा हमारा ही विभाग है।
- एससी जुयाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान