बदरीनाथ हाईवे ठप, बिना तीर्थयात्रियों के हुई पूजा
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गोपेश्वर। बीते सोमवार रात बदरीनाथ क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश से लामबगड़ में हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए। बीआरओ के मजदूर दिनभर हाईवे खोलने में लगे रहे, लेकिन देर शाम तक भी हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खोला जा सका है।
करीब 65 तीर्थयात्री पांडुकेश्वर और जोशीमठ में ही रोके गए हैं। सोमवार को 14 तीर्थयात्री धाम पहुंचे थे, जो मंगलवार को पैदल आवाजाही कर अपने गंतव्य को लौट गए हैं। मंगलवार को एक भी तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम नहीं पहुंचा।
पूजा में नहीं रहे यात्री
बदरीनाथ धाम में इस यात्राकाल में पहली बार मंगलवार को बिना तीर्थयात्रियों के ही भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि एक भी तीर्थयात्री धाम नहीं पहुंच पाया। इस यात्राकाल में यह पहली बार हुआ, जब पूजाओं के दौरान तीर्थयात्री मौजूद नहीं रहे।
केदारनाथ हाईवे जगह-जगह बाधित
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ हाईवे का अवरुद्ध होने का सिलसिला रुक नहीं रहा। स्थिति यह है कि एक स्थान पर सड़क खुलती है तो दूसरे जगह टूट रही है। मंगलवार को भी लगभग सात घंटे तक हाईवे अवरुद्ध रहा।
चार-पांच अगस्त की रात बारिश से कुंड, काकड़ागाड़ बांसवाड़ा और डोलिया देवी में हाईवे पर भारी मलबा गया। बीआरओ ने सुबह से ही मलबा हटाने का काम शुरू करा दिया। सुबह लगभग पौने दस बजे तक यातायात चालू करा दिया गया, लेकिन इसी बीच लीसा फैक्ट्री तिलवाड़ा के समीप यातायात बाधित हो गया।
बीआरओ ने यहां सवा 11 बजे तक यातायात चालू करा दिया, लेकिन काकड़ागाड़ में राजमार्ग दो बजे के बाद खुल पाया। जगह-जगह यातायात अवरुद्ध होने से लोगों को कई वाहन बदलकर आवाजाही करनी पड़ी।
47 तीर्थयात्री गए केदारनाथ दर्शन को
बुधवार को सोनप्रयाग से 47 तीर्थयात्री बाबा केदारनाथ मंदिर के दर्शनों के लिए रवाना हुए। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को केदारनाथ धाम में दिनभर हल्की बारिश होती रही जिससे धाम में कोहरा छाया रहा।
यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन जारी
उत्तरकाशी। सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश से यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे जगह-जगह अवरुद्ध हो गए। हाईवे बंद होने से मंगलवार को एक भी तीर्थयात्री धाम तक नहीं पहुंच पाया।
सोमवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गंगोत्री हाईवे धरासू नालूपाणी, नेताला, लालढांग, हेलगूगाड, गंगनानी, डीएम स्लाइड, सुक्की तथा यमुनोत्री हाईवे पालीगाड, सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, बाडिया आदि स्थानों पर भूस्खलन एवं भू-धंसाव से अवरुद्ध हो गया।
मंगलवार सुबह मौसम से मोहलत मिलने पर कुछ अवरुद्ध हिस्सों में तो यातायात बहाल कर लिया गया लेकिन यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, बाडिया तथा गंगोत्री हाईवे गंगनानी, डीएम स्लाइड और सुक्की में अभी तक बंद है। भारत-चीन सीमा पर बीमार हुए आईटीबीपी के जवान सुरेंद्र को जिला अस्पताल लाने में जवानों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
खतरों का हाईवे बना बदरीनाथ राजमार्ग
कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे कर्णप्रयाग से चमोली के बीच पैच वर्क पर लाखों रुपये खर्च किए गए फिर भी हाईवे कई स्थानों पर खतरनाक बना है। अकेले लंगासू तक महज दस किमी पर एक दर्जन से अधिक डेंजर जोन हाईवे पर खतरों को न्योता दे रहा है।
मार्ग के सुधारीकरण का काम चारधाम यात्रा से पूर्व बीआरओ के बजाए लोक निर्माण विभाग को दिया। इसके लिए विभाग ने 45 लाख खर्च कर चमोली से कर्णप्रयाग तक पैच वर्क किए, जल्दबाजी में किया गया काम आज फिर गड्ढों से पट गया है।
बीआरओ का है कहना
कर्णप्रयाग में पुश्ता निर्माण का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है। यहां केवल सपोर्ट के लिए लोहे का गार्डर लगाया है इसमें यातायात नहीं पास हो सकता है, जबकि उमट्टा में पानी की निकासी सहित अन्य खतरनाक जगह में सड़क से मलबा हटाकर कुछ इंतजाम किया जाएगा। बरसात में श्रमिकों की कमी के कारण कुछ दिक्कतें हो रही हैं।
-मेजर राम, बीआरओ पीपलकोटी।