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यहां तो अस्पताल की ही सेहत खराब है
अमर उजाला, सेलाकुई
Updated Tue, 19 Nov 2013 08:58 AM IST
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उत्तराखंड में दुर्गम तो दूर देहरादून के नजदीकी अस्पताल भी डॉक्टरों की राह तक रहे हैं। सेलाकुई स्थित एलोपैथिक अस्पताल पांच साल से एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
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पूर्व प्रधान भगत सिंह राठौर, सुभाष कुमार, दिनेश सुंदरियाल का कहना है कि बीस वर्ष पूर्व स्थापित अस्पताल में महज सर्दी जुकाम की ही दवा मिलती हैं। ऐसे में गंभीर रोगियों को इलाज के लिए सहसपुर या प्रेमनगर की दौड़ लगानी पड़ती है।
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आबादी को देखते हुए लंबे समय से सीएचसी खोलने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र जंगपांगी का कहना है कि शासन को डॉक्टर की नियुक्ति को लिखा गया है।
अस्पताल से जुडे़ गांव
सेलाकुई, हरिपुर, जमनपुर, खैरी, धूलकोट, बहादरपुर, तेलपुरा, कैंचीवाला, सिंघनीवाला, शेरपुर समेत एक दर्जन गांवों की आबादी जुड़ी है।
आबादी को देखते हुए अस्पताल का उच्चीकरण जरूरी है। डीजी हेल्थ से मुलाकात की जाएगी, शासन को भी लिखा जाएगा। अस्तपाल में अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटाने का भी प्रयास किया जाएगा।
- सहदेव पुंडीर, विधायक
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