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Dehradun News: 24 दिन से एआरवी नहीं, बाहर से खरीद रहे लोग
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विकासनगर। उप जिला अस्पताल में बीते 24 दिनों से एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) नहीं है। कुत्तों, बिल्ली और बंदर के काटने के बाद अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों को बाहर से एआरवी की खरीदनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्यालय स्तर पर एआरवी की स्थानीय खरीद का प्रयास किया गया था, लेकिन एआरवी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
अस्पताल में शनिवार को एआरवी की उपलब्धता की पड़ताल की गई। अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष के बाहर एआरवी समाप्त होने की सूचना चस्पा थी। लोग निजी मेडिकल स्टोर से एआरवी लाकर कर्मचारियों को दे रहे थे। कर्मचारी को टिटनेस और एआरवी की लगाने के बाद अगली डोज की तिथि बता रहे थे। ममता, अनित और नवीन ने बताया वह परिजनों को एआरवी लगाने के लिए अस्पताल लेकर आए थे। कर्मचारियों ने बताया एआरवी नहीं है। मेडिकल स्टोर से एक डोज 380 रुपये की मिली है। चार और डोज लगानी होगी। गांवों में रहने वाले लोगों के लिए पांच डोज का खर्च बहुत ज्यादा है। सरकार और विभाग को अस्पताल में एआरवी की व्यवस्था करनी चाहिए।
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पांच मार्च को एआरवी समाप्त हो गई थी। शासन को मांग भेजी गई है। मुख्यालय स्तर पर स्थानीय खरीद का भी प्रयास किया गया, लेकिन एआरवी नहीं मिल पा रही है।
- डॉ. प्रदीप चौहान, सीएमएस
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अस्पताल में शनिवार को एआरवी की उपलब्धता की पड़ताल की गई। अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष के बाहर एआरवी समाप्त होने की सूचना चस्पा थी। लोग निजी मेडिकल स्टोर से एआरवी लाकर कर्मचारियों को दे रहे थे। कर्मचारी को टिटनेस और एआरवी की लगाने के बाद अगली डोज की तिथि बता रहे थे। ममता, अनित और नवीन ने बताया वह परिजनों को एआरवी लगाने के लिए अस्पताल लेकर आए थे। कर्मचारियों ने बताया एआरवी नहीं है। मेडिकल स्टोर से एक डोज 380 रुपये की मिली है। चार और डोज लगानी होगी। गांवों में रहने वाले लोगों के लिए पांच डोज का खर्च बहुत ज्यादा है। सरकार और विभाग को अस्पताल में एआरवी की व्यवस्था करनी चाहिए।
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पांच मार्च को एआरवी समाप्त हो गई थी। शासन को मांग भेजी गई है। मुख्यालय स्तर पर स्थानीय खरीद का भी प्रयास किया गया, लेकिन एआरवी नहीं मिल पा रही है।
- डॉ. प्रदीप चौहान, सीएमएस