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नीति आयोग की बैठक में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रखा उत्तराखंड के विकास का खाका
Sun, 16 Jun 2019 10:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 16 Jun 2019 10:32 AM IST
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बैठक में त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नीति आयोग की पांचवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में उत्तराखंड के विकास का खाका रखा। उन्होंने किसानों और खेती से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और कहा कि इनके धरातल पर उतरने से बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने सौंग बांध परियोजना की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बांध परियोजना के बनने से देहरादून शहर को 30 वर्ष तक लगातार पानी मिलता रहेगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कार्यों के बारे में सिलसिलेवार रोशनी डाली
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती एवं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से पलायन गंभीर चुनौती है। इसके अवस्थापना सुविधाएं जैसे कि सड़क, पानी, बिजली एवं विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए निवेश करने की आवश्यकता है। इन सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी के साथ रेल व एयर कनेक्टिविटी को भी विकसित करना होगा। उन्होंने बताया कि निवेशक सम्मेलन में एक लाख चौबीस हजार करोड़ 600 एमओयू में हुए जिनमें से 109 एमओयू के सापेक्ष 14545 करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में आगामी 30 वर्षों से भी अधिक समय तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित किये जाने के लिए सौंग बांध पेयजल परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बिल्डिंग बाईलॉज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल ग्रोथ सेंटर्स स्थापित हो रहे हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत क्षेत्र में उस क्षेत्र की मुख्य आर्थिकी के अनुरूप नियोजित आर्थिक विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मृदा कार्ड में दी गयी संस्तुतियों एवं डीबीट योजना संचालन से उर्वरक खपत में अनुमानत: 20 प्रतिशत तक इनपुट लागत में गिरावट आई और खाद की इनपुट सब्सिडी में 140 करोड़ रुपये की बचत हुई।
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