एनआईटी कैंपस छोड़कर गए सैकड़ों छात्रों पर प्रशासन ने बरती सख्ती, दूसरे संस्थान में किया शिफ्ट
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एनआईटी अस्थायी परिसर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे छात्रों को अन्यत्र एनआईटी में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि एनआईटी प्रशासन का कहना है कि कितने छात्रों को स्थानांतरित किया गया है इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
एनआईटी प्रशासन मंगलवार तक छात्रों के स्थानांतरण पर स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहा है। एनआईटी के छात्र अस्थायी परिसर को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग के लिए जंतर-मंतर (दिल्ली) में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी बीच एनआईटी उत्तराखंड से कुछ छात्रों को अन्यत्र एनआईटी में स्थानांतरित किए जाने की चर्चाएं हैं। कुछ दिन पूर्व उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री ने मीडिया में बयान दिया था कि जो छात्र यहां पढ़ना नहीं चाह रहे हैं, उन्हें अन्यत्र एनआईटी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
अस्थायी परिसर स्थानांतरण की मांग के लिए आंदोलित करीब 900 छात्र परिसर छोड़ कर अपने घरों चले गए थे। हालांकि वर्तमान में एनआईटी के छात्रावासों में 109 छात्रों ने वापसी कर दी है, लेकिन कक्षाएं अभी भी नहीं चल रही हैं।
बताया जा रहा है कि 30 नवंबर को आंदोलित छात्रों की एमएचआरडी (मानव संसाधन मंत्रालय) के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई है। इसी बीच यह चर्चा है कि एनआईटी के कुछ छात्रों को दूसरी एनआईटी में स्थानांतरित कर दिया गया है।
एनआईटी उत्तराखंड ने भी छात्रों के स्थानांतरण की संभावना जताई है। हालांकि एनआईटी प्रशासन के पास इस संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं है। एनआईटी उत्तराखंड के कुलसचिव कर्नल सुखपाल ने कहा कि कितने छात्रों को स्थानांतरित किया गया है। इस संबंध में उन्हें आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। कुलसचिव सुखपाल ने मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।