एनआईटी छोड़कर गए छात्रों को अभिभावकों का समर्थन, कहा मांग न मानने तक कक्षाओं में नहीं लौटेंगे छात्र
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एनआईटी प्रशासन को तीन दिन बाद छात्रों का जवाब मिला है, जिसमें उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने तक कक्षाओं में लौटने से इनकार कर दिया है। वहीं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के आंदोलन में साथ देने की बात कही है।
उन्होंने संस्थान की ओर से भेजे गए मेल का जवाब देते हुए मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया है, जबकि संस्थान का कहना है कि यदि बच्चे जल्द कक्षाओं में नहीं लौटे, तो सीनेट इस संबंध में निर्णय लेगी।
एनआईटी में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं स्थायी कैंपस निर्माण और अस्थायी तौर पर सुविधाजनक स्थान में शिफ्टिंग की मांग के लिए चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। विगत 23 अक्तूबर को अधिकांश बच्चे हॉस्टल छोड़कर घर चले गए हैं।
इस बीच संस्थान की ओर से छात्राओं को दो बार कक्षाओं में लौटने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उनके परिजनों को ई-मेल भी किए गए हैं, लेकिन छात्र कक्षाओं में लौटने को तैयार नहीं हैं। छात्रों ने बिना मांग पूरी हुए लौटने से इनकार कर दिया है।
वहीं कुछ अभिभावकों ने ई-मेल का जवाब देते हुए कहा है कि वह अपने बच्चों के साथ खड़े हैं। इधर, एनआईटी उत्तराखंड के कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने बताया कि छात्रों से दो बार लिखित अपील की जा चुकी है। इस संबंध में सीनेट को अवगत करा दिया गया है। आगे क्या कार्रवाई होगी, यह सीनेट की बैठक में तय किया जाएगा।