गडकरी से बोले सांसद, इस हाईवे ने छीनी 250 जिंदगियां, कराऊंगा हत्या का मुकदमा
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‘भाईसाहब इस कंपनी ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दी हैं। इसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दायर करना चाहिए। मैं मौके पर हूं, स्थानीय लोगों से घिरा हूं। इस हाईवे पर 250 से ज्यादा लोगों की जान चली गई ।
यदि इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तो मैं स्वयं कंपनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा करुंगा।’ कुआंवाला में स्थानीय लोगों से घिरे पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक फोन पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से कुछ इस अंदाज में शिकायत कर रहे थे।
वह स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर पहुंचे थे, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के आधे अधूरे निर्माण के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं। ग्रामीणों की लंबे समय से मांग है कि पुलिया के बगल के दोनों साइड के पुश्तों को बनाया जाए। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय सिंह चौहान, कुंआवाला की प्रधान ममिता यादव, समाज सेवी प्रमोद यादव, चंद्रपाल कन्नौजिया, रुक्मणी देवी और बबली कन्नौजिया की शिकायत पर निशंक घटना स्थल पर पहुंचे।
गड्ढे आज से ही भरेंगे, पेमेंट के लिए चाहे मैं भीख मांगनी पड़े
स्थानीय ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान निशंक ने एनएचएआई और कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों से निर्माण हो रही देरी को लेकर जवाबतलब किया। अधिकारियों ने जब उन्हें बताया कि पुलिया के निर्माण का टेंडर कर दिया गया है तो इस पर निशंक भड़क उठे और उन्होंने तत्काल पुलिया के आसपास के गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी गड्ढे भरने में नाकाम है तो वह स्वयं ग्रामीणों के साथ मिलकर इन्हें भरेंगे।
गड्ढे आज से ही भरेंगे, पेमेंट के लिए चाहे मैं भीख मांगनी पड़े
अफसरों ने जब पुलिया निर्माण के टेंडर की बात कही तो तमतमाएं निशंक ने कहा कि काम आज ही शुरू होगा। गड्ढे आज ही भरे जाएंगे। इसका भुगतान चाहे उन्हें अपनी जेब से ही क्यों न करना पड़े? वह लोगों से भीख मांग कर पैसा जुटाएं, चाहे जो उपाय करें, काम आज ही शुरू होगा। उनके तल्ख तेवरों से अफसरों की हवाइयां उड़ी हुई थी।
जब बजट की व्यवस्था थी, तो गड्ढे क्यों नहीं भरे
इस दौरान निशंक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। उसमें यह तय हो गया था कि एनएच निर्माण के दौरान कम से कम गड्ढों को अवश्य भरा जाएगा। इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद गड्ढों को नहीं भरा गया।