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निशंक बोले, चेहरे के साथ चुनाव लड़ने का मिला लाभ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 02 Jul 2016 03:14 AM IST
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रमेश पोखरियाल निशंक
- फोटो : file photo
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भाजपा यूपी व उत्तराखंड में चेहरे के साथ चुनाव लड़ेगी या या बिना चेहरे के, यह फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा लेकिन असम में चेहरा देने का लाभ मिला। लोकसभा चुनाव में भी नरेन्द्र मोदी के चेहरे का लाभ मिला।
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों जगह भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। खुद को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के सवाल पर कहा कि यह सब निर्णय करने का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को है। एक सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि चीन की बाजार नीति का जवाब देने के लिए देश में जल्द ही नई स्टील नीति लागू की जाएगी। केंद्रीय आश्वासन समिति की बैठक में भाग लेने के लिए शुक्रवार को यहां आए निशंक पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
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उत्तराखंड में भाजपा फेल नहीं
राष्ट्रपति शासन लगाने पर दिया जवाब
एक सवाल पर कहा कि उत्तराखंड में भाजपा की नीति या रणनीति फेल नहीं हुई है। हरीश रावत सरकार खुद ही गिर रही थी। उसे गिराने के लिए किसी रणनीति का जरूरत नहीं थी। जब हरीश रावत सरकार वित्त विधेयक नहीं पारित करा पाई तो स्वत: ही अल्पमत में आ गई थी। ऐसे में भाजपा के पास राष्ट्रपति शासन के अलावा और क्या विकल्प था।
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पोखरियाल ने कहा कि जब उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्टिंग ऑपरेशन को षडयंत्र बताया तो उन्होंने (निशंक) खुद इसकी आलोचना की थी। कहा था कि स्टिंग ऑपरेशन का सच जानने के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। पर, ताज्जुब तो यह रहा कि हरीश रावत चुप बैठे रहे। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग ही नहीं की।
सीबीआई के दुरुपयोग की बात गलत
केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई के दुरुपयोग के सवाल पर निशंक ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है। केंद्र सरकार सीबीआई के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं करती। राज्यसभा चुनाव में मत न होते हुए भी अधिक उम्मीदवार उतारकर क्रास वोटिंग को बढ़ावा देने के सवाल पर कहा कि भाजपा ने उम्मीदवार नहीं उतारा था। सिर्फ उसे समर्थन दिया था। भाजपा का कोई इरादा क्रास वोटिंग का नहीं था।
चीन को देंगे जवाब
निशंक ने कहा कि चीन की चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही नहीं स्टील पॉलिसी लाने जा रही है। अभी चीन इतना स्टील बना देता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्टील का दाम गिर जाता है। इससे हतोत्साहित दूसरे देश जब कम उत्पादन करते हैं तो वह मनमाने भाव पर इसकी बिक्री कर भारी मुनाफा कमाता है। देश की नई स्टील पॉलिसी चीन की इसी चुनौती को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। निशंक ने आश्वासन समिति की बैठक के मुद्दों के बारे में गोपनीयता का तर्क देते हुए कोई जवाब देने से मना कर दिया। बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने समेत कई विषयों पर चर्चा हुई। निशंक के अलावा सांसद सुनील सिंह, बहादुर सिंह कोहली, राजेन्द्र अग्रवाल, सी.आर. पाटिल, नारायण भाई, तस्लीमुद्दीन और प्रहलाद पटेल भी बैठक में शामिल थे।