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फर्जी प्रार्थनापत्र देकर एमडीडीए से निकलवाए ओटीएस के नौ लाख रुपये
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देहरादून। जालसाजों ने हॉस्टल मालिक के नाम से फर्जी प्रार्थनापत्र जमा कर एमडीडीए से उसके सवा नौ लाख रुपये निकाल लिए। यह रकम एमडीडीए में जमा कराई गई ओटीएस (वन टाइम सेटेलमेंट) मनी की थी। इन रुपयों को उन्होंने अपने खाते में जमा करा लिया।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर विजय यादव निवासी रेल विहार गुड़गांव, अजय यादव निवासी अमरनगर, फरीदाबाद और अजय की पत्नी शकुंतला के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसमें एमडीडीए के कुछ अज्ञात कर्मचारियों और अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। मामले में शिकायत राकेश त्यागी निवासी कोल्हूपानी, नंदा की चौकी ने की है। त्यागी का कहना है कि उन्होंने प्रेमनगर क्षेत्र स्थित अपने हॉस्टल को बेचने का सौदा विजय, अजय और शकुंतला के साथ किया था। इनमें अजय हरियाणा के आबकारी विभाग से सेवानिवृत्त है। इस हॉस्टल में का नक्शा पास कराने के लिए उन्होंने वन टाइम सेटेलमेंट के तहत कुल सवा नौ लाख रुपये जमा किए थे। इस बीच पता चला कि उनका नक्शा पास नहीं हुआ। जानकारी की तो मालूम हुआ कि यह धनराशि प्रार्थनापत्र देकर वापस ले ली गई है। उन्होंने कभी इसके लिए मांग नहीं की। प्राथमिक पड़ताल में यह जानकारी मिली कि अजय यादव ने पीड़ित राकेश त्यागी के नाम से एक प्रार्थनापत्र सचिव एमडीडीए को प्रेषित किया। इस पर एक ही दिन में कार्रवाई हुई और जिम्मेदार लोगों ने हस्ताक्षर भी किए। इस पर न तो त्यागी का फोन नंबर था और न ही कोई और जानकारी। बावजूद इसके यह रकम अजय यादव के खाते में भेज दी गई। एसओ प्रेमनगर कुलदीप पंत ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर विजय यादव निवासी रेल विहार गुड़गांव, अजय यादव निवासी अमरनगर, फरीदाबाद और अजय की पत्नी शकुंतला के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसमें एमडीडीए के कुछ अज्ञात कर्मचारियों और अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। मामले में शिकायत राकेश त्यागी निवासी कोल्हूपानी, नंदा की चौकी ने की है। त्यागी का कहना है कि उन्होंने प्रेमनगर क्षेत्र स्थित अपने हॉस्टल को बेचने का सौदा विजय, अजय और शकुंतला के साथ किया था। इनमें अजय हरियाणा के आबकारी विभाग से सेवानिवृत्त है। इस हॉस्टल में का नक्शा पास कराने के लिए उन्होंने वन टाइम सेटेलमेंट के तहत कुल सवा नौ लाख रुपये जमा किए थे। इस बीच पता चला कि उनका नक्शा पास नहीं हुआ। जानकारी की तो मालूम हुआ कि यह धनराशि प्रार्थनापत्र देकर वापस ले ली गई है। उन्होंने कभी इसके लिए मांग नहीं की। प्राथमिक पड़ताल में यह जानकारी मिली कि अजय यादव ने पीड़ित राकेश त्यागी के नाम से एक प्रार्थनापत्र सचिव एमडीडीए को प्रेषित किया। इस पर एक ही दिन में कार्रवाई हुई और जिम्मेदार लोगों ने हस्ताक्षर भी किए। इस पर न तो त्यागी का फोन नंबर था और न ही कोई और जानकारी। बावजूद इसके यह रकम अजय यादव के खाते में भेज दी गई। एसओ प्रेमनगर कुलदीप पंत ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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