NH-74 घोटाले में नौ कर्मचारी सस्पेंड, तीन अफसरों को नोटिस
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ऊधमसिंह नगर जिले में एनएच भूमि मुआवजे घोटाले की जांच के बाद कुमाऊं कमिश्नर के आदेश पर डीएम ऊधमसिंह नगर ने शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की है।
इसमें जिले के अभी तक दूसरे चरण की जांच में 16 अधिकारी और कर्मचारियों को दोषी पाया गया, जिन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र का गलत उपयोग करते हुए इस महाघोटाले में खुलकर खेल खेला है।
इस घोटाले में सीधे तौर पर लिप्त नौ कर्मचारियों को सस्पेंड, तीन अफसरों को कारण बताओ नोटिस और चार संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
बता दें कि जसपुर से लेकर सितारगंज तक एनएच-74 और सितारगंज से लेकर खटीमा तक एनएच-125 के चौड़ीकरण कार्य में अधिग्रहित कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में परिवर्तित करके जिले के कई बड़े अफसरों और कर्मचारियों द्वारा व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया, जिसमें राज्य सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगी।
कुमाऊं कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन के आदेश पर ऊधमसिंह नगर के डीएम डॉ. नीरज खैरवाल द्वारा भूमि अधिग्रहण प्रकरण जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए जिला स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
डीएम ने तहसील सितारगंज के राजस्व अहलमद न्यायालय उप जिलाधिकारी संतराम व रजिस्ट्रार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान, बाजपुर के रजिस्ट्रार कानूनगो पंकज कुमार, राजस्व निरीक्षक कुंवर सिंह और तत्कालीन रीडर न्यायालय एसडीएम विकास कुमार चौहान, जसपुर के रीडर न्यायालय एसडीएम सतपाल सिंह, तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल, संग्रह अमीन अनिल कुमार एवं काशीपुर के राजस्व अहलमद एसडीएम संजय कुमार चौहान को निलंबित कर दिया है।
तहसील सितारगंज के सेवानिवृत राजस्व निरीक्षक कमालुद्दीन, बाजपुर के सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक ओम प्रकाश व सेवानिवृत्त तत्कालीन रीडर एसडीएम रामजगदीश राणा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इनके अलावा सितारगंज में संविदा पर कार्यरत डाटा इंट्री आपरेटर अरुण कुमार दुबे, गदरपुर की डाटा इंट्री आपरेटर अनुपमा रावत और जसपुर के डाटा इंट्री आपरेटर अनुज कुमार व काशीपुर के डाटा इंट्री आपरेटर मनोज कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है।